13 अक्तूबर को अर्चना ने बताया कि उसकी ग्वालियर में रहने वाली बहन का एक्सीडेंट हो गया है। इलाज के लिए एक लाख रुपये चाहिए। शरनलाल ने एक खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए। फिर अगले दिन महिला ने कहा कि ऑपरेशन हो गया है। दवा के लिए 10 हजार रुपये आशुतोष मेडिकल स्टोर के खाते में डाल दो। घर लौटकर रुपये चेक से लौटा दूंगी। दो दिन बाद उसका फोन बंद हो गया।
कह दिया लड़की की हो गई है मौत
इसके बाद माया नाम की महिला से संपर्क किया तो उसने कह दिया कि अर्चना की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। हम दूसरी महिला से शादी करा देंगे। अब किसी से संपर्क नहीं हो रहा। सासनीगेट पुलिस के अनुसार इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।