जांच में पुलिस ने पाया कि पूजा का मायका अभिषेक के गांव में है। दोनों परिवारों में कभी अच्छे रिश्ते थे। परिवार ने अभिषेक को पूजा के घर पढ़ने भेजा था। तभी से वह उससे रुपये ऐंठने लगे। बाद में अभिषेक का पूजा से बेहद करीबी रिश्ता हो गया। जिसके चलते उसने खुद शादी नहीं की। परिवार ने अभिषेक के छोटे भाई की शादी कर दी। बाद में दोनों के बीच कुछ ऐसी बात हुई, जिसके चलते अभिषेक ने दूरी बना ली। अलग होने के बाद जब अभिषेक ने खुद का शोरूम खोला तो उसमें पूजा का साझेदार करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया। इसके बाद वे उसके खिलाफ शिकायतें करने व उसके फंसाने की साजिश रचने लगे। जब बात नहीं बनी तो इसी खुन्नस में अपने यहां काम करने वाले मिस्त्री व उसके सहयोगी को तीन लाख रुपये की सुपारी देकर ये हत्या कराई गई।
ये साक्ष्य शामिल किए गए
जांच में पुलिस ने अभिषेक के परिवार के आरोप, पांडेय दंपती व शूटरों की मोबाइल सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज, घटना से एक माह पहले सभी की एक जगह की लोकेशन, पूजा-अभिषेक के कॉल रिकार्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पकड़े गए शूटरों के बयान, करीब 28 गवाहों के बयान आदि साक्ष्य शामिल किए हैं।
कब क्या-क्या हुआ
- 26 सितंबर की देर शाम हुआ हत्याकांड
- उसी शाम अशोक पांडेय को हिरासत में लिया
- 28 सितंबर को अशोक पांडेय जेल भेजा
- 1 अक्तूबर को पहला शूटर जेल भेजा गया
- 3 अक्तूबर को दूसरा शूटर जेल भेजा गया
- उसी दिन पूजा पर इनाम घोषित
- 4 अक्तूबर को पूजा से महामंडलेश्वर पद हटा
- 11 अक्तूबर को पूजा शकुन भी पकड़ी गई