ट्रेनों का प्लेटफार्म बदलना पुलों पर भीड़ की बड़ी वजह
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मुंबई के परेल एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज में मची भगदड़ से 22 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। इस घटना के बाद देश भर के रेलवे स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रिज पर पुलिस ने लोगों को अनावश्यक रूप से बैठने से मना किया।
अलीगढ़ में आरपीएफ इंस्पेक्टर नवल किशोर ने दोपहर में स्टेशन के नये फुट ओवर ब्रिज पर सिपाहियों के साथ लोगों को जागरूक किया। मुसाफिरों को पुल पर, सीढ़ियों पर बैठने से मना किया गया। जिन लोगों को अपनी ट्रेन का इंतजार था, उनको प्लेटफार्म पर भेजा गया। लाउडस्पीकर से लगातार से इसकी घोषणा की गई।
पुल से हटाए जाने के दौरान अधिकांश मुसाफिरों का कहना था कि ट्रेनों का प्लेटफार्म अचानक बदल दिया जाता है और दो मिनट में ट्रेन चल देती है। ऐसे में ट्रेन छूट जाने के डर से वह पुल पर बैठ जाते हैं। जिससे ये सुविधा हो जाती है कि जहां ट्रेन आएगी वहीं पर पहुंच जाएंगे। आरपीएफ इंस्पेक्टर को भी मुसाफिरों ने यही समस्या बताई।
अलीगढ़ जंक्शन के पूर्व एसएस एआर खान का कहना है कि रेल संचालन में वर्तमान में ट्रेनों को आउटर पर ज्यादा देर तक खड़ा न करके प्लेटफार्म पर लाया जाता है। इसलिए कई बार अचानक प्लेटफार्म बदल जाता है। ऐसे में यकीनन मुसाफिरों को असुविधा होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए रेलवे संचालन विभाग को गंभीरता के साथ कोई ठोस उपाय सोचना चाहिए। अगर प्लेटफार्म बदला गया है तो ट्रेन का ठहराव का समय बढ़ा कर मुसाफिरों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म में जाने का पूरा समय दिया जाए। ब्यूरो