एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्र 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों का कहना है कि पिछले करीब आठ वर्षों से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। इसी को लेकर छात्र लगातार चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने और तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्रसंघ की बहाली और चुनाव कराने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद का समर्थन मिला है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर अनशनकारी छात्रों की मांगों का समर्थन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की।
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चंद्रशेखर आजाद ने पोस्ट में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेने, छात्रसंघ की बहाली, मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति और समयबद्ध चुनाव कराने की मांग उठाई।
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्र 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों का कहना है कि पिछले करीब आठ वर्षों से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। इसी को लेकर छात्र लगातार चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने और तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
यह बेहद चिंताजनक है कि अपनी लोकतांत्रिक मांगों के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों पर एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।इस दौरान लगातार अनशन के कारण उनकी… pic.twitter.com/lQyN21CGGD
चंद्रशेखर आजाद ने ट्विट कर कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। यह बेहद चिंताजनक है कि अपनी लोकतांत्रिक मांगों के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों पर एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।इस दौरान लगातार अनशन के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति भी गंभीर हुई। यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले 8 वर्षों से एएमयू में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं।
एएमयू प्रशासन को तत्काल संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।अनशनकारी छात्रों को तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस ली जाए तथा छात्रसंघ की बहाली, मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति और समयबद्ध चुनाव की घोषणा सुनिश्चित की जाए। 28 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर डक प्वाइंट पर हुए प्रदर्शन के बाद जिस तरह छात्रों पर कार्रवाई हुई और विवाद बढ़ा, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।