केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश (सीडीएफयूपी) की वार्षिक आम सभा
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दवा कारोबार में पारदर्शिता बनाए रखने और कानूनी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अब बिना बिल की दवाओं की खरीद-बिक्री पर सख्ती बरतने की तैयारी है। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश (सीडीएफयूपी) की वार्षिक आम सभा और सतत शिक्षा कार्यक्रम (कंटीन्यूअस एजुकेशन प्रोग्राम) उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट में आयोजित हुआ। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे पदाधिकारियों को नई दवा नीति और प्रस्तावित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
फेडरेशन के महामंत्री सुरेश गुप्ता ने सभी जिला इकाइयों को निर्देशित किया कि एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की बिना डॉक्टर के पर्चे और बिना बिल के खरीद-बिक्री तत्काल बंद कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले दवा विक्रेताओं का संगठन किसी भी स्तर पर समर्थन नहीं करेगा। दवा कारोबार की छवि को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए सभी को नियमों का पालन करना होगा।
बैठक में संगठन के सदस्य संदीप चतुर्वेदी ने कहा कि दवा कारोबारियों का उत्पीड़न और शोषण करने वाले किसी भी कानून का समर्थन नहीं किया जाएगा। वहीं, अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने बैठक में हुई चर्चा के आधार पर जिले के सभी दवा विक्रेताओं से बिना बिल की दवाओं की खरीद-बिक्री से दूर रहने और एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं का पूरा लेखा-जोखा रखने की अपील की है। कार्यक्रम में अलीगढ़ की ओर से एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सिंह, महामंत्री आलोक वार्ष्णेय, रीजन महामंत्री भूपेंद्र वार्ष्णेय, संगठन मंत्री अनिल वर्मा और बृजेश वार्ष्णेय मौजूद रहे।