नए शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यालय 1 जुलाई से खुलेंगे। इससे पहले स्कूल बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच होगी। सभी वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, पैनिक बटन, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और इमरजेंसी गेट पूरी तरह कार्यशील स्थिति में होने चाहिए।
इस संबंध में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन सत्येंद्र कुमार ने जिले के सभी स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और संचालकों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल वाहन चालकों और परिचालकों के ड्राइविंग लाइसेंस एवं चरित्र का सत्यापन कराया जाए। वाहनों की तकनीकी जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए तथा 15 वर्ष पूरे कर चुके अथवा अनुपयोगी वाहनों को तत्काल संचालन से हटाया जाए। बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाने पर भी रोक लगाई गई है।
एआरटीओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय खुलने के बाद परिवहन विभाग द्वारा स्कूल वाहनों की सघन जांच की जाएगी। यदि कोई वाहन बिना फिटनेस, परमिट या अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों के संचालित मिलता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गंभीर अनियमितता मिलने पर संबंधित विद्यालय की मान्यता समाप्त कराने के लिए भी संस्तुति की जाएगी।