अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में गलत तरीके से महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। एएमयू में पहुंचे अधिकारियों ने पहले दिन पूर्व रजिस्ट्रार एवं एक प्रोफेसर समेत कई लोगों के बयान रिकार्ड किए। सीबीआई अधिकारी के पहुंचने के बाद एएमयू में हड़कंप की स्थिति है।
सोमवार को सीबीआई देहरादून के इंस्पेक्टर टीपी देवरानी अपने सहायकों के साथ एएमयू में पहुंचे। प्रशासनिक ब्लाक के ग्राउंड फ्लोर पर डी विंग में सी- 04 कमरे में उनके बैठने की व्यवस्था की गई है। भरोसे मंद सूत्रों की माने तो पहले दिन पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. नाजिम अली एवं कामर्स विभाग के प्रो. कमरुद्दीन के बयान सीबीआई अधिकारी ने रिकार्ड किए। इसके अतिरिक्त नियुक्ति से संबंधित फाइल हैंडल करने वाले कई कर्मचारियों एवं पूर्व कर्मचारियों के भी बयान रिकार्ड किए गए।
एएमयू पीआरओ ऑफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि सीबीआई अधिकारी एएमयू में पहुंच गए है और जांच शुरू कर दी है। एएमयू प्रशासन द्वारा अधिकारियों को पूरी सहायता की जाएगी। इस जांच में पूर्व कुलपति जमीरउद्दीन शाह के कार्यकाल से संबंधित मामला शामिल है या नहीं, इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी से प्रो. किदवई ने इंकार किया।
उल्लेखनीय है कि करीब दस साल पहले एएमयू में महत्वपूर्ण पदों पर योग्यता को दरकिनार कर कई नियुक्तियां हुई थीं। इसके अतिरिक्त एएमयू में वित्तीय, प्रशासनिक एवं अकादमिक अनियमितता की शिकायत सीबीआई तक पहुंची है। इस मामले में ज्वाइंट फाइनेंस आफिसर शाकेब अर्सलान, डिप्टी फाइनेंस आफिसर मसूद उर रहमान आदि को देहरादून आफिस में तलब किया गया था।