सरकार के वाद वापसी के निर्देश पर अदालतों में लंबित मुकदमों को लेकर डेढ़ माह पहले फिर से रिमाइंडर आया। जिसमें कहा गया कि जिन जिलों में मुकदमे वापस नहीं हुए। अभी उनमें समन जारी हो रहे हैं, उनकी वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसी क्रम में अपने जिले में निचली अदालतों में इन डेढ़ माह में कुल 868 मुकदमे वापस लिए गए हैं। अदालतों में यह प्रक्रिया पूरी कर एक-एक मुकदमे में वापसी प्रक्रिया के तहत आरोपियों को मुकदमों से बरी किया गया है। इस तरह एक हजार लोगों को राहत मिली है।
2 वर्ष तक की सजा वाले मुकदमों में राहत
इस संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सत्यानंद सिंह ने बताया कि इस प्रक्रिया में अब तक 868 उन्हीं मुकदमों को वापस लिया गया है, जिनमें कोविड उल्लंघन के अलावा अन्य कोई आरोप नहीं है। ये मुकदमे सिर्फ 2 वर्ष तक की सजा के थे। इनकी वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कुछ रह गए हैं तो उनमें प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। जिन मुकदमे में अन्य कोई भी धारा शामिल है तो उनमें वापसी की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही। ऐसे 500 करीब मुकदमे हैं, जिनमें करीब एक हजार लोग आरोपी हैं। उन्हें इस शासनादेश के तहत भी मुकदमे से राहत नहीं मिलेगी। उन्हें मुकदमे में कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।