सुमेपुर गांव के बाहर गोकशी की घटना के विरोध में हाईवे जाम करने वालों पर पुलिस ने 13 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया है। चार नामजद सहित 150 लोेगों को इसमें आरोपी बनाया गया है।
22 दिसंबर और 25 दिसंबर को गांव सुमेरपुर-कलुवा के पास से गुजर रहे पुराने नाले में ग्रामीणों को गोवंश के अवशेष पड़े मिले थे। तीन दिन के अंदर गोकशी की दो घटनाओं से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। 25 दिसंबर को मौके पर पड़े मिले अवशेष पचपेड़ा मोड़ पर रखकर हाईवे जाम कर हंगामा शुरू कर दिया था। इससे करीब तीन घंटे तक हाईवे जाम रहा था। एसएसपी संजीव सुमन ने मौके पर पहुंचकर तत्कालीन इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह को निलंबित करने के साथ ही गोकशी करने वालों को पकड़ने और कठोर कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था।
मामले में मंगलवार को वरिष्ठ उपनिरीक्षक कंवरपाल सिंह की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। कहा गया है कि सुमेरपुर गांव के पास गोकशी की घटना पर 25 दिसंबर को कलुवा निवासी रवि लोधी, चंदरौला निवासी मोहित ठाकुर, पं. राधे तनु महाराज, निवासी भरतरी हाल निवासी लालजी धाम आश्रम ब्रज कुंज काॅलोनी श्री धाम वृंदावन सहित 100-150 अज्ञात लोगों ने बुलंदशहर-अलीगढ़ हाईवे को पचपेड़ा मोड़ पर तीन घंटे तक जाम रखा। इससे आने-जाने वाले नागरिकों सहित बीमार व्यक्तियों को कई घंटे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हंगामा कर रहे लोगों ने भैंस से भरी एक डीसीएम के शीशे तोड़े और गाड़ी चालक से गाली-गलौज करते हुए हाथपाई कर जान से मारने की धमकी दी थी।