महानगर के रामघाट रोड के प्रमुख नवजीवन हॉस्पिटल संचालक डॉ. प्रवीन वार्ष्णेय पर क्वार्सी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुए इस मुकदमे में अधिवक्ता की पत्नी के इलाज में लापरवाही बरतने से मौत का आरोप है। जिससे महिला की मौत हो गई। मामले में थाना स्तर पर सुनवाई न होने पर अदालत की शरण ली गई। तब यह मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह मुकदमा नौरंगाबाद गांधीपार्क के अधिवक्ता रविंद्र कुमार शर्मा की ओर से दर्ज कराया गया है। मुकदमे में कहा है कि उनकी पत्नी साधना की 27 जुलाई 2020 को अचानक तबियत बिगड़ी तो वे उन्हें लेकर नवजीवन हॉस्पिटल गए। जहां डॉ. प्रवीन वार्ष्णेय ने साधना के तापमान, ऑक्सीजन लेवल आदि की जांच की तो तापमान 97 व ऑक्सीजन लेवल 61 प्रतिशत पाया। उन्होंने तीन दिन की दवा लिखते हुए 30 जुलाई को फिर बुलाया। इस बार वे फिर डॉक्टर के पास गए तो पुन: जांच में तापमान 97 व ऑक्सीजन लेवल 48 प्रतिशत पाया। इस पर अधिवक्ता ने डॉक्टर से पत्नी की हालत नाजुक होने की बात कहते ऑक्सीजन लेवल कम होने की बात कही। इस पर डॉक्टर ने कुछ दवाएं और बढ़ाते हुए कहा कि इनकी आरएफटी व ईको की जांच कराकर कल दिखाना। इसी बीच 31 जुलाई की तड़के साधना की तबियत और बिगड़ी, जिस पर वे एंबुलेंस की मदद से अपनी पत्नी को जिला अस्पताल की इमरजेंसी ले गए। जहां उन्हें देखते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अधिवक्ता का आरोप है कि डॉ. प्रवीन वार्ष्णेय ने इलाज में लापरवाही बरती है। उचित इलाज के लिए रेफर नहीं किया गया। इससे जो क्षति हुई है। उसे भरा नहीं जा सकता। इस मामले में थाना व एसएसपी स्तर से शिकायत की गई। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई। जिसकी जांच तीन सदस्यीय कमेटी द्वारा सीएमओ स्तर से कराई गई। मगर कोई कार्रवाई नहीं की। अदालत ने मामले में मुकदमे के आदेश दिए। जिसके आधार पर क्वार्सी थाने में एक्सीडेंट की धारा 304 ए के तहत डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने अदालत के आदेश पर पिछले दिनों मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच की जा रही है।
-मेरे द्वारा इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। मेरे यहां भर्ती करने की व्यवस्था नहीं थी। यह बात उन्हें बताई गई थी। अब गलत मंशा से मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को विवेचना में यही बयान मैंने दिया है।
-डॉ. प्रवीन वार्ष्णेय, नवजीवन हॉस्पिटल।