सीओ तृतीय अभय पांडेय के अनुसार मामले में बार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। चूंकि मुकदमा जेल भेजने की धारा में नहीं है। इसलिए निजी मुचलके पर नोटिस देकर रिहा किया गया है।
अलीगढ़ दीवानी न्यायालय परिसर में पकड़े गए फर्जी अधिवक्ता को मुकदमा दर्ज कर मुचलके पर नोटिस देकर थाने से रिहा किया गया है। नोटिस में इस बात का उल्लेख है कि वे विवेचना में सहयोग करेंगे व बुलावे पर थाने आएंगे।
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बता दें कि धनीपुर के अजय शर्मा की रकम व्यापारिक लेनदेन में फंस गई। इसी रकम वापसी के लिए उनकी मुलाकात मूल रूप से एटा पिलुआ व हाल बालाजी एंकलेब गांधीपार्क के अजय पाठक से हुई। अजय ने खुद को अधिवक्ता बताते हुए मुकदमे के जरिये रुपये वापस कराने के नाम पर 9 लाख रुपये ऐंठ लिए। बाद में न रुपये मिले व न अधिवक्ता ने मदद की। बाद में 9 लाख मांगने पर धमकी मिली। इसी पर पीडि़त ने बार अध्यक्ष से शिकायत की।
जिसकी बार अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह व महासचिव दीपक बंसल ने जांच कराई। जिसमें अजय पाठक को फर्जी अधिवक्ता माना गया। इसी आधार पर उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इस मामले में बार अध्यक्ष की ओर से तहरीर भी दी गई। साथ में पीडि़त की ओर से भी तहरीर दी गई। सीओ तृतीय अभय पांडेय के अनुसार मामले में बार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। चूंकि मुकदमा जेल भेजने की धारा में नहीं है। इसलिए निजी मुचलके पर नोटिस देकर रिहा किया गया है।