शहर के लिए नासूर बन चुके अतिक्रमण को हटाने के लिए गुरुवार को केला नगर चौराहे से मेडिकल रोड और यहां से सिविल लाइन थाने की ओर अभियान चलाया गया। यहां पर दोनों ओर घरों और दुकानों के बढ़े हुए हिस्सों को जब ढहाया गया तो पुरानी दीवारें और शटर निकल कर आ गए। इससे साफ हो गया कि बढ़ा हुआ हिस्सा कौन सा था और भवनों की वास्तविक हद कौन सी थी।
गुरुवार को दोदपुर में अभियान वहां से शुरू हुआ जहां बुधवार को समाप्त हुआ था। सुबह करीब 11 बजे प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पुहंच गईं। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में चिह्नांकन के बाद निर्धारित जगह पर जेसीबी का पंजा चला। इस दौरान चिकन कार्नर, ढाबे वाले, होटल संचालक जिनकी भट्टियां, तंदूर बाहर को निकले हुए थे उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। यह वह जगह है जहां पर मार्के ट खुले होने की स्थिति में सड़क पर चलने के लिए सिर्फ 12 फीट जगह रह जाती है। अभियान के दौरान दुकानदार स्वयं भी अवैध कब्जा हटाते हुए देखे गए।
चिह्नांकन का काम जारी, घोषणा की गई
अलीगढ़। हाथरस अड्डे पर चिह्नांकन कर दिया गया है। गुरुवार को सेंटर प्वाइंट से स्टेट बैंक तिराहे की ओर और सेंटर प्वाइंट से रेलवे स्टेशन की ओर चिह्नांकन किया गया। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक जो सरकारी नक्शा है उसमें भी रास्ते की चौड़ाई प्रत्येक जगह अलग अलग है।
अवैध निर्माण की शिकायत की गई
अलीगढ़। प्रतिभा कालोनी निवासी चौधरी सुंदर सिंह और अन्य कालोनी निवासियों ने एडीए के उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर इलाके में अवैध निर्माण रोकने की मांग की है। पत्र में कहा है कि यहां पर शिव मंदिर के पास चार मंजिल भवन का निर्माण हो रहा है। साथ ही इलाके में पांच मंजिला 25 फ्लेैटों का निर्माण हो रहा है।
बिल्डअप एरिया व पुराने निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं होगी : डीएम
जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के संबंध में गुरुवार को व्यापार मंडल के व्यापारी नेता ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय और ओमप्रकाश मास्टर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंडल डीएम चंद्र भूषण सिंह से मिला। मुलाकात में डीएम ने प्रशासन की ओर से हो रही कार्रवाई के बाबत कुछ स्पष्ट किया।