आरओ एआरओ की परीक्षा देने के लिए अभ्यर्थी एंबुलेंस की मदद से एसएमबी इंटर कॉलेज पहुंचा। स्ट्रेचर के सहारे परीक्षा कक्ष तक पहुंचकर परीक्षा दी। दीपक का कहना था कि यह परीक्षा उनके लिए जीने-मरने का सवाल था। इस पर उनका भविष्य टिका हुआ है।
एक तरफ 12878 अभ्यर्थी 27 जुलाई को समीक्षा अधिकारी (आरओ) और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) की परीक्षा देने नहीं पहुंचे तो दूसरी तरफ एक अभ्यर्थी ऐसा भी परीक्षा देने पहुंचा जिसके पैर की हड्डी टूटी थी। जब वह एंबुलेंस से परीक्षा देने पहुंचा तो हर कोई अचंभित रह गया। उनके मुंह से बरबस यह शब्द निकल गया कि इसकी हड्डी टूटी है, हौसला नहीं..।
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अलीगढ़ शहर के एसएमबी इंटर कॉलेज में बुलंदशहर के औरंगाबाद से दीपक लोधी परीक्षा देने पहुंचे थे। भाई विपुल व विपिन ने बताया कि वह दो दिन पहले बाइक से जा रहे थे। सड़क हादसे में पैर की हड्डी टूट गई थी। उन्हें चलने-फिरने में काफी दिक्कतें हो रही थीं। दीपक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दर्द और जख्म की परवाह किए बगैर परीक्षा की तैयारी में जुटे रहे।
भाई विपुल व विपिन के साथ एंबुलेंस की मदद से एसएमबी इंटर कॉलेज पहुंचे। स्ट्रेचर के सहारे परीक्षा कक्ष तक पहुंचकर परीक्षा दी। दीपक का कहना था कि यह परीक्षा उनके लिए जीने-मरने का सवाल था। इस पर उनका भविष्य टिका हुआ है।