एनपीपीए ने 39 नई दवा फॉर्मूलेशन के खुदरा मूल्य निर्धारित किए हैं। इनमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह, एचआईवी, हृदय रोग और आंखों के संक्रमण की दवाएं शामिल हैं। इसी तरह पिछले दिनों कैंसर की दवा जीएसटी दर के आधार पर सस्ती की गई थीं, लेकिन अब उनकी कीमतों में पहले से ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है।
अलीगढ़ बाजार में कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की दवाओं की कीमतों में खासी वृद्धि दर्ज की गई है। स्थानीय बाजार में नए प्रिंट से दवाएं आ गई हैं। कंपनियां कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से दवाओं के दाम बढ़ाने की बात कह रही हैं।
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कहने को सरकार ने दवाओं की बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 39 नई दवा फॉर्मूलेशन के खुदरा मूल्य निर्धारित किए हैं। इनमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह, एचआईवी, हृदय रोग और आंखों के संक्रमण की दवाएं शामिल हैं। इसी तरह पिछले दिनों कैंसर की दवा जीएसटी दर के आधार पर सस्ती की गई थीं, लेकिन अब उनकी कीमतों में पहले से ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है।
बाजार के जानकार बताते हैं कि दैनिक प्रयोग में आने वाली कुछ जरूरी दवाओं में पांच से 10 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। इस विषय में थोक दवा वितरक आमिर आबिद बताते हैं कि बाजार में नए प्रिंट रेट की दवाएं आ गई हैं। उसी अनुसार अब दवाएं बिकने लगी हैं। जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह टिल्लू भी बाजार में कुछ दवाओं की कीमतों में वृद्धि होना स्वीकारते हैं। वे बताते हैं कि कैंसर सहित कई दैनिक प्रयोग की जरूरी दवाएं महंगी हुई हैं।
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ये बढ़े दाम
शुगर की दवा का पत्ता 285 से बढ़कर 313 हुआ
उच्च रक्तचाप की दवा का पत्ता 346 से बढ़कर 375 हुआ
हृदय संबंधी दवा का पत्ता 666 से बढ़कर 732 हुआ
कैंसर संबंधी एक दवा 2500 से 4200 व एक 350 से 550 हुई