फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठ ड्रोन कैमरों की निगहबानी में रहा शहर

विज्ञापन
ऊपरकोट पर ड्रोन कैमरे से निगरानी करते पुलिस कर्मी। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। रेलवे रोड से ऊपरकोट तक के लोग पूरे दिन यही कहते रहे कि उन्होंने कभी यहां पर इतना फोर्स और इतनी निगरानी नहीं देखी। ऊपरकोट, घास की मंडी, अब्दुल करीम चौराहा, कनवरीगंज, बनियापाड़ा, हड्डीगोदाम, शाहजमाल, देहलीगेट सहित अति संवेदनशील इलाकों में कुछ घरों की छतों पर पत्थर रखने की खबर बृहस्पतिवार को मिली थी। शुक्रवार सुबह से मुस्तैद प्रशासन ने यहां पर आठ ड्रोन कैमरों, 18 वीडियो कैमरों और 150 सीसीटीवी से निगरानी शुरू की। ऊपरकोट पर ड्रोन कैमरे उड़ाए गए तो कुछ छतों पर पत्थर रखे मिले। इनमें से कुछ पत्थर एक निर्माणाधीन इमारत में रखे गए थे। पूछने पर निर्माण कार्य में जरूरत का हवाला दिया गया। पुलिस ने इस पर सख्ती दिखाई और पहरा कड़ा कर दिया गया। यहां पर आरआरएफ, आरएएफ, पीएसी और पुलिस के साथ अलग-अलग थानों का फोर्स लगाया था। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस-प्रशासन की अमन चैन की पहल का पूरा साथ दिया।
विज्ञापन

मनोरंजन कर विभाग के एमपी सिंह को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया था, इनकी ड्यूटी तांगा स्टैंड से पूरे सिस्टम की निगरानी पर थी। एमपी सिंह ने बताया कि आठ ड्रोन कैमरे, 18 वीडियो फोटोग्राफी कैमरे और लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों से पूरे शहर के अति संवेदनशील और संवेदनशील इलाकों की निगरानी में लगाए गए थे। हर एक घंटे में मानीटरिंग होती रही। मानीटरिंग में जो तथ्य सामने आए, उनसे तुरंत पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया गया। किसी भी अराजक तत्व के भीड़ में शामिल होने और किसी घटना को अंजाम देने की तस्वीरें साफ नुमाया होंगी। इससे उसको पहचानने और कार्रवाई करने में विलंब नहीं होगा। जहां भी आपत्तिजनक सामग्री दिखी है, वहां के भवन स्वामियों से संपर्क कर उसका कारण पूछा जा रहा है। इससे किसी के घर में रखे गए किसी सामान का दुरुपयोग रोका जा सकेगा। रेलवे रोड से ऊपरकोट तक सभी व्यापारियों ने अमन चैन बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का भरपूर सहयोग दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें