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नागरिकता कानूनः मां-बेटी सहित ये पांच महिलाएं करा रही शहर में उपद्रव

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शहर में पिछले कई दिनों से जगह जगह हो रहे बवाल और उपद्रव में महिलाओं का नेतृत्व करने वाली पांच महिलाओं को जिला प्रशासन ने चिह्नित कर लिया है। इनमें दो मां और बेटी हैं तो तीन एएमयू की छात्राएं हैं। एक छात्रा एएमयू के आवासीय हाल में रहने वाली है। जिला प्रशासन का कहना है कि अब इनके नाम भी रिपोर्ट में शामिल किए गए हैं और इनकी गिरफ्तारी की जाएगी। साथ में एएमयू छात्राओं के विषय में एएमयू से पत्राचार किया जा रहा है।
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रविवार से शहर में कई स्थानों पर जाम और धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें महिलाओं को भी देखा जा रहा है। महिलाएं नकाब लगाए रहती हैं और बुर्का पहने रहती हैं। प्रशासन की जांच इस बात पर थी कि इन महिलाओं को कौन है जो धरने प्रदर्शन के स्थल तक ला रहा है और ‘मोबिलाइज’ कर रहा है। अलग अलग जगहों से जुटाए गए साक्ष्यों के बाद पुलिस प्रशासन ने पांच महिलाओं को चिह्नित किया। इनमें दो महिलाएं आपस में मां बेटी हैं। तीन एएमयू की छात्राएं हैं। एक छात्रा गर्ल्स हाल की रहने वाली है और विधि की छात्रा है। पुलिस ने जिन छात्राओं को चिह्नित किया है और जिनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है उनमें अर्शी खान और उसकी बेटी इला निवासी अमीर निशा सिविल लाइन हैं। इसमें इला एएमयू की छात्रा है। सायरा बानो निवासी बन्ना देवी सूतमिल की रहने वाली हैं और आगरा में नौकरी करती है। वह इस समय शहर में सक्रिय है। इसके अलावा शहर की निवासी सुमायरा और रामपुर निवासी वर्धा बेग नाम की एएमयू की छात्राएं हैं।
वर्धा हॉस्टलर हैं और लॉ की छात्रा हैं। पुलिस ने इनके नाम भी मुकदमे में शामिल कर लिए हैं और इसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि बवाल और उपद्रव की घटना में शामिल ये जो पांच महिलाएं हैं और इनमें तीन छात्राएं हैं। इनका भी एफआईआर में नाम है। वहीं एएमयू को भी पत्राचार किया जा रहा है। एसएसपी मुनिराज के अनुसार अर्शी का नाम जीवनगढ़ जाम के मुकदमे में पहले ही शामिल था। अब अन्य नाम भी उसी मुकदमे में व अन्य मुकदमों में बढ़ाए जा रहे हैं।
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