शाहजमाल ईदगाह के बाहर धरने पर बैठी महिलाएं।
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सीएए और एनआरसी के विरोध में जारी धरना प्रदर्शनों के बीच बुधवार को देहली गेट और ऊपरकोट के इलाकों सहित शाह जमाल धरना स्थल पर पोस्टर बांटे गए। इन पोस्टरों में नो सीएए, नो एनआरसी, नो एनपीआर लिखा हुआ था। साथ ही धरना प्रदर्शन करने वालों को आर्थिक मदद एवं राशन पानी के लिए फंडिंग की भी अपील की गई थी। शाह जमाल धरना प्रदर्शन में जैसे ही दो युवक इन पोस्टरों को लेकर बांटने पहुंचे अचानक वहां मौजूद सुरक्षा बलों की निगाह उन पर पड़ गई इससे पहले कि पुलिसकर्मी उनको पकड़ पाते वे लोग पोस्टर बाँट कर भाग गए पुलिस ने लोगों से पोस्टरों को जप्त कर लिया इस मामले में जांच की जा रही है। इस सबके बीच शाहजमाल धरना लगातार 30वें दिन भी जारी रहा।
सीएए एवं एनआरसी के विरोध में बुधवार को आंदोलनकारियों ने नया पैतरा अपनाया। बाइक से आए दो युवकों ने देहलीगेट, ऊपरकोट के विभिन्न इलाकों के साथ शाहजमाल धरने में पोस्टर बांटे। इन पोस्टरों में नो सीएए, नो एनआरसी और नो एनपीआर लिखा था। साथ ही यह भी लिखा था कि धरना प्रदर्शन करने वालों की मदद के लिए लोग आगे आएं और उन्हें आर्थिक मदद देने के साथ ही कम से कम 10 दिन के राशन पानी की व्यवस्था भी कराएं। लोगों ने पर्चों को हाथों हाथ लिया और देखते ही देखते दर्जनों पर्चे बंट गए। यह देखकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों में हलचल मच गई। कुछ सुरक्षाकर्मी पर्चे बांटने वाले युवकों की ओर लपके। लेकिन वे पुलिस को गच्चा देकर भाग गए। पुलिस जांच में जुट गई है।
पता लगाया जा रहा है कि आखिर पोस्टर बांटने वाले कौन थे और किस के इशारों पर यह पोस्टर बांटे जा रहे हैं। बता दें कि इससे पूर्व भी इस धरना प्रदर्शन में इलाके के कुछ बड़े कारोबारियों द्वारा फंडिंग करने सहित तमाम तरीके की सुविधाओं का इंतजाम करने का इनपुट मिला था। इस पर पुलिस ने काम भी किया और इलाके के दो दर्जन से ज्यादा कारोबारियों और पैसे वाले लोगों को चिन्हित किया है। पुलिस इनकी कुंडली खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इन लोगों के खिलाफ मुकदमे लिखने सहित गिरफ्तारी आदि की कार्यवाही की जाएगी।