राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक आलोक ने कहा कि मुसलमानों को देश की मुख्यधारा से जुड़ने से रोकने के लिए कट्टरपंथी नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस के नेताओं ने भी पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के धार्मिक रूप से उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की बात कही, लेकिन किसी ने साहस नहीं किया। वहां के अल्पसंख्यक धर्म परिवर्तन कर आराम से रह सकते थे। लेकिन उन्होंने अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा, इसलिए उत्पीड़ित हुए। हिंदुस्तान का कर्त्तव्य है कि उन्हें अपनी गोद में सम्मान दें। वे रविवार को नागरिकता अधिनियम समर्थन मंच के तत्वावधान में डीएस कॉलेज में आयोजित परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में 22 सांसदों की कमेटी बनी, जिसमें 17 पार्टियों के सदस्य थे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही नागरिकता संशोधन कानून बना। लोकसभा व राज्यसभा में पास होने के बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कानून बना, तब विवाद क्यों। दरअसल, तीन तलाक, अयोध्या में राम जन्मभूमि और अनुच्छेद 370 जैसे मसले शांतिपूर्ण तरीके से निपट गए। इस्लामिक देशों ने भी कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है। सब जगह से परास्त होने के बाद कट्टरपंथियों को लगा कि मुस्लिम वोटर उनके हाथ से निकलकर राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल हो सकता है। इसीलिए विरोध पर उतर आए।
प्रांत प्रचारक आलोक ने कहा कि जामिया मिलिया में 500 लोग धरने पर बैठकर अव्यवस्था फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता समझ रही है कि मीडिया में जो बताया जा रहा है, वह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून में यह नवां संशोधन है। 1951 की जनगणना में जिनके नाम शामिल हुए, वह स्वाभाविक नागरिक बनते चले गए। पाकिस्तान में 23 प्रतिशत अल्पसंख्यक थे, आज 1.6 प्रतिशत बचे हैं। बांग्लादेश में 30 प्रतिशत थे और 7 प्रतिशत बचे हैं। 1981 में अफगानिस्तान में 2.31 लाख हिंदू व सिख थे, जो अब मात्र एक हजार 45 बचे हैं। संख्या घटने का कारण धर्म परिवर्तन, मृत्यु या देश छोड़कर जाना है। इन देशों के अधिकतर लोग भारत में आए। कार्यक्रम को प्रांत प्रचारक के अतिरिक्त सिख, जैन एवं ईसाई धर्मगुरु एवं विद्वानों ने भी संबोधित किया। संचालन मनोज अग्रवाल ने किया।
भारत को हिंदुओं का सांस्कृतिक देश बनाने का संदेश
प्रांत प्रचारक आलोक कुमार ने इजराइल मॉडल पेश कर भारत को हिंदुओं का सांस्कृतिक देश बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया में कही भी यहूदी बच्चा पैदा होता है तो उसे इजरायल की भी नागरिकता मिलती है। इजरायल केरल से भी छोटा देश है, जिसकी आबादी 70 लाख है। यहां गैलिलियों, न्यूटन व ईसा मसीह पैदा हुए। नस्लीय भेदभाव में एक करोड़ यहूदी मारे गए। कई मुस्लिम देशों ने इजराइल पर हमला किया। इजरायल ने सभी को परास्त किया। वहां लड़की को दो और लड़के को तीन साल सेना में सेवा देना अनिवार्य है।
नागरिकता वैश्विक समस्या
प्रांत प्रचारक आलोक ने कहा कि विश्व में 57 मुस्लिम देश माने जाते हैं। लगभग 30 देश ऐसे हैं, जहां शरीयत कानून चलता है। इन देशों के नागरिक भिन्न-भिन्न देशों में जाकर नागरिकता लेते हैं और पूरे अधिकार की मांग करते हैं। जबकि अपने यहां अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं देते। धार्मिक आधार पर उत्पीड़न वैश्विक समस्या है। म्यांमार से रोहिंग्या मुसलमान भगाए गए। पाक ने शरण नहीं दिया। सीरिया, जार्डन, लीबिया आदि से भागे लोग पाकिस्तान में नहीं जाते। वे लोग यूरोप, अमेरिका एवं आस्ट्रेलिया में जाते हैं। उन्हाेंने कहा कि नागरिकता की पहचान देश की सुरक्षा से जुड़ी है। सऊदी अरब व मिस्र आदि में प्रत्येक आने-जाने एवं रहने वाले नागरिक का रजिस्टर है।
किसी के बहकावे में नहीं आएं गरीब
प्रांत प्रचारक ने बिना नाम लिए कहा कि एक महिला नेत्री कहती है कि चंगू मंगू नाम लिखाइए। देश के गरीब उनके बहकावे में नहीं आएं। चंगू मंगू नाम लिखाया तो सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
कार्यक्रम में प्रमुख लोग...
प्रभारी मंत्री सुरेश राणा, सांसद सतीश गौतम, विधायक संजीव राजा, गिर्राज गोदानी, शकुंतला भारती, डॉ. उमेश कुमारी, कृष्णा गुप्ता, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, अर्जुनदास चावला,डॉ. एसपी सूद, डॉ. प्रभात दास गुप्ता, अध्ययन अग्रवाल आदि।
ननकाना साहिब की घटना ज्वलंत उदाहरण : सरदार भूपेंद्र सिंह
जत्थेदार भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पाकिस्तान में ननकाना साहिब की घटना ज्वलंत उदाहरण है। इस घटना से नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वालों को सीखना चाहिए। वहां पर सिखों एवं हिंदुओं सहित सभी अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जाता है। सीएए के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार को धन्यवाद। सभी काम सरकार नहीं करेगी। नागरिकों की भी जवाबदेही है।
जयचंदों से सबसे ज्यादा नुकसान : प्रो. जैन
प्रो. पीके जैन ने समाज की ओर से नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन किया। कहा कि जैन धर्म अहिंसावादी है। कहा कि देश सेवा में जान की बाजी लगा दो। देश को सबसे अधिक नुकसान जयचंदों से हुआ है। जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। हम भाईयों को बसा रहे हैं तो कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहा है।
पता चलेगा कि देश का वफादार व गद्दार कौन है : फादर जोनाथन
सिटी मैथोडिस्ट चर्च के फादर जोनाथन लाल ने ईसाई समाज की ओर से नागरिकता संशोधन कानून का पुरजोर समर्थन किया। कहा कि इससे पता चलेगा कि देश का वफादार और गद्दार कौन है। आपराधिक प्रवृति के लोग बाहर भाग जाते हैं। अब अपराध कम होगा। जो नागरिक हैं, उसके पास कागज भी हैं। इन्हें दिखाने में गलत लोगों को दिक्कत है। हमें एकता बनाकर रखना चाहिए।
नागरिकता अधिनियम समर्थन मंच की ओर से आयोजित परिचर्चा में उपस्थित आरएसएस के कार्यकर्ता।- फोटो : CITY OFFICE