शाहजमाल एवं अन्य इलाकों में धरने पर बैठी महिलाओं को भड़काने एवं रविवार को हुए उपद्रव में उकसावे की कार्रवाई की आरोपी एएमयू छात्राएं प्रशासन के रडार पर हैं। प्रशासन ने पुलिस एवं खुफिया तंत्र की मदद से इनका चिन्हांकन करा लिया है। अब इन्हें तथा इनके परिजनों को नोटिस जारी करने की तैयारी है। एएमयू इंतजामियां पर इनके खिलाफ कार्रवाई करने को दबाव बनाने की तैयारी भी कर ली गई है।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पिछले करीब डेढ़ माह से शाहजमाल में महिलाएं धरने पर बैठी हैं। प्रशासन एवं पुलिस अफसरों की इनको समझाने की सारी कोशिशें नाकाम रही हैं। रविवार को दिल्ली में पथराव एवं हिंसक घटनाओं के बाद धरना प्रदर्शन हिंसक हो गया। ऊपरकोट, बाबरी मंडी, घास की मंडी, चंदन शहीद एवं सोमवार को सुबह जमालपुर क्षेत्र में पथराव एवं फायरिंग के साथ पेट्रोल बमों के प्रयोग ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है।
इन सभी घटनाओं को लेकर समुदाय विशेष के नेताओं एवं एएमयू छात्रों के अलावा सबसे बड़ा जिम्मेदार एएमयू की छात्राओं को माना जा रहा है। इन पर आंदोलनकारियों को हिंसा के लिए उकसाने का गंभीर आरोप है। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि उकसावे की कार्रवाई में लिप्त एएमयू छात्राओं को चिन्हित कर लिया गया है। जल्द ही इन्हें तथा इनके परिजनों को नोटिस जारी किये जाएंगे। एएमयू इंतजामियां पर भी इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के लिए दबाव बनाया जाएगा।
500 से अधिक लोगों को पाबंद करने की तैयारी
रविवार को ऊपरकोट, बाबरीमंडी, घास की मंडी, चंदन शहीद मार्ग, जाफराबाद एवं जमालपुर इलाके में हुई हिंसक वारदातों के बाद दर्जनों लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमे दर्ज किये हैं। अब 500 से अधिक उपद्रवियों के खिलाफ पाबंदी की कार्रवाई होने जा रही है। बताते चलें कि इन इलाकों में हुए प्रदर्शनों में सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय से अब तक करीब 2700 लोगों को पाबंद कर नोटिस तामील कराये गए हैं। सोमवार को 500 से अधिक अन्य उपद्रवियों को चिन्हित किया गया है।
टी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को हुए उपद्रव में शामिल करीब 500 से अधिक लोगों के खिलाफ पाबंदी नोटिस तैयार कराये जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। पूर्व में पाबंद किये गए लोगों में से करीब 75 फीसदी लोगों ने अब तक जमानत नहीं करायी है। इन सभी को नोटिस तामील कराते हुए गैर जमानती वारंट जारी किये जाएंगे।