गाजियाबाद-मुगलसराय सबसे ज्यादा व्यस्त रूट है। रेल हम सफर सप्ताह में 29 मई को सतर्कता दिवस वाले दिन समय पर ट्रेन चलाने का प्रयास किया था, इसके लिए हमने कुछ मालगाड़ियों की संख्या में कटौती की। जिसके बाद ट्रेनों की समयबद्धता बढ़ कर 84 प्रतिशत तक पहुंच गई।
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम 2018 तक पूरा हो जाएगा, जिसके बाद 2019 से ट्रेनों के परिचालन में काफी सुधार आ जाएगा। यह बात बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में उत्तर मध्य रेलवे के असिस्टेंट जनरल मैनेजर बाईपी सिंह ने कहीं।
उन्होंने कहा कि वह प्रयागराज एक्सप्रेस से अलीगढ़ आ रहे थे लेकर रूट की व्यस्तता के चलते उनकी ट्रेन करीब आधा घंटे तक अलीगढ़ के आउटर पर खड़ी रही। उन्होंने कहा कि इस साल हम ट्रेन बढ़ने के मूड में नहीं है, बजट में भी नई ट्रेन की घोषणा नहीं हुई। जो वर्तमान में ट्रेनें चल रही है, वहीं समय से चले इस पर ध्यान दिया जा रहा है।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस के ठहराव का मामला रेलवे बोर्ड में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि 25 किलोमीटर का पुल इस बार के बजट में दिया गया है, इसके लिए सर्वे आदि का काम भी होगा। इस पुल का निर्माण होने से कासिमपुर पावर हाउस के लिए सीधा कोयला जा सकता है।
असिस्टेंट जनरल मैनेजर बाईपी सिंह केंद्र सरकार की प्राथमिकता के तहत रेलवे प्रशासन कम कर रहा है, जनता को जोड़ने के लिए विशेष प्रयास हो रहे हैं।
यात्री और स्टेशनों पर आने वाली लोग सफाई पर ध्यान दें तो गंदगी स्वत: खत्म हो जाएगी। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि गाजियाबाद- मुगलसराय रूट व्यस्त होने के कारण ट्रेनों के ट्रायल इस रूट पर नहीं हो सकता, जबकि दिल्ली-आगरा और बरेली रूट कम व्यस्त है। इस रूट पर दोनों ओर से करीब 300 ट्रेनें संचालित होती है। इस दौरान आरपीएफ के आईजी एसके सिंह, डीटीएम राजेंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।