गोरव मित्तल जिला अध्यक्ष लघु उद्योग भारती
- फोटो : AMAR UJALA
सोल्डर केंद्र सरकार की राहत के मायने समझने में लगे कारोबारी हेडिंग केवल कर्ज मिल रहा है.. कारोबार चलाने को अमर उजाला ब्यूरो अलीगढ़। केंद्र सरकार के २० लाख करोड़ के पैकेज के मायने में लगा उद्योग जग अब धीरे धीरे कुछ समझ पा रहा है। सीए विजय कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने एमएसएमई में नगद प्रवाह लाने के लिए ९० हजार करोड़ रुपये का कर्ज उपलब्ध कराया है, जिससे उनको पैसे की किल्लत न हो। इसी तरह से नान बैकिं ग फाइनेंशियल कंपनी को ५० हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे, जो बिजनेस को लोन देकर सपोर्ट करेंगी। इस तरह से इंडस्ट्री में नगद की उपलब्धता सरकार ने की है। अलग से कोई पैसा नहीं दिया है। ये पैसा एक कर्ज है जिसको निश्चित समय के बाद चुकाना होगा। हां, गारंटी देने में व्यापारियों को राहत मिलेगी। इस मुद्दे पर कुछ प्रमुख निर्यातकों और व्यापारियों से बातचीत। बयान--- एमएसएमई की यूनिटों को सरकार से राहत मिल रही है लेकिन माइक्रो यूनिट के लिए कोई राहत नहीं मिली है। बैंक सुनते नहीं है। ओवरड्राफ्ट में एक लाख नहीं देते हैं। ऐसे कारोबार कैसे होगा। -प्रेम बिहारी वैश्य, वैश्य एंड संस। प्रदेश के उद्योग मंत्री ने कारखानादारों को बड़ी छूट दे दी है। जिससे अब कारखाने चलाना आसान होगा। कई नियम कानून में संशोधन कर बड़ी राहत दी गई है। ये सटीक और ठोस पहल है। -गौरव मित्तल, जिला अध्यक्ष लघु उद्योग भारती। सरकार ने बड़ी राहत दी है। इस वक्त एमएसएमई यूनिटों को सस्ते सुलभ कर्ज की जरूरत है। जो सरकार ने उपलब्ध करा दिया है। अब हम पूरी ताकत से उत्पादन करेंगे और दुनिया पर छा जाएंगे। -पवन खंडेलवाल, हार्डवेयर उद्यमी।
प्रेम बिहारी वैश्य...।
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प्रेम बिहारी वैश्य...।
पवन खंडेलवाल
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पवन खंडेलवाल