अमेरिकी टैरिफ की काट खोजने में जुटे कारोबारी अब नई संभावनाओं की ओर सोच रहे हैं। कारोबारी स्वीकार करते हैं कि अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ से अलीगढ़ के वह निर्यातक जिनका कारोबार अमेरिका में बहुत ज्यादा था प्रभावित हुए हैं। लेकिन कारोबार और कारोबारी अपनी जमीन तलाश लेते हैं। इसके लिए बहुत संभव है कि किसी तीसरे देश के माध्यम से निर्यात की संभावनाओं पर भी विचार हो सकता है।
फैक्टरियों में काम प्रभावित हुआ
ताला नगरी औद्योगिक एसोसिएशन के नेकराम शर्मा कहते हैं कि टैरिफ घोषणा के बाद फैक्टरियों में काम प्रभावित हुआ है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि काम बंद हो गया है। इस स्थिति का कारोबारी सामना कर रहे हैं। नए विकल्प तलाश रहे हैं।
बोले उद्यमी
सीधे तौर पर अमेरिका को निर्यात करना चुनौतीपूर्ण होने पर तीसरे देश के माध्यम से निर्यात की रणनीति एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभर सकता है।- आदित्य बजाज, आईआईए
तीसरे देश के माध्यम से निर्यात की रणनीति उन कंपनियों के लिए कारगर साबित हो सकती है, जो अमेरिका के साथ सीधे व्यापार में आने वाली अड़चनों को दूर करना चाहते हैं। - हर्षित राजा, आईआईए
यह एक ऐसी व्यापारिक व्यवस्था है, जिसमें उत्पादनकर्ता अपना सामान किसी तीसरे देश को भेजता है। वह देश थोड़ा बहुत वैल्यू एड करके या बिना बदलाव अमेरिका को निर्यात कर देता है।- उमंग मोंगा, आईआईए
तीसरे देश के माध्यम से निर्यात की अपनी चुनौतियां भी हैं। बड़ा जोख़िम कानूनी जटिलताएं हैं। मूल उत्पत्ति के नियम का पालन न होने पर उत्पाद को अमेरिका में रोका जा सकता है। - मनीष बंसल, मंडलाध्यक्ष, आईआईए
यह रणनीति मदद कर सकती है। इसके लिए गहन शोध, कानूनी सलाह की जरूरत होती है। यह ऐसा तरीक़ा है, जो सीधे रास्ते की अड़चनों को पार कर व्यापार के लिए एक नया मार्ग खोलता है।- आलोक झा, चेयरमैन, आईआईए