फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़: जमीनी रंजिश में व्यापारी की गोली मारकर हत्या, नकदी लूटी

Mon, 01 Jul 2019 07:06 AM IST
Abhishek Singh अमर उजाला ब्यूरो अकराबाद(अलीगढ़)
विज्ञापन
जमीनी रंजिश में व्यापारी की हत्या - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

अलीगढ़ के कस्बा कौड़ियागंज के थोक खलचुनी व्यापारी और भाजपा बूथ अध्यक्ष राजेश वार्ष्णेय उर्फ बिंटू लाला (42) की रविवार शाम जमीनी रंजिश और व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई, जब वह कार में अपने बेटे और तयेरे भाई संग तगादा कर लौट रहे थे। तभी अर्टिका कार और बाइक सवार हमलावरों ने घेरकर उनकी कार रुकवा ली। उनकी कार का शीशा तोड़कर सिर्फ राजेश को निशाना बनाकर गोली मार दी। 

विज्ञापन


इस दौरान घटना को लूट दर्शाने के इरादे से हमलावर उनकी कार से नकदी का बैग और मोबाइल भी लूट ले गए। मगर हत्या के मूल में परिवार ने जमीनी रंजिश में कस्बे के ही भाजपा नेता कमल अग्रवाल और उनके भाई धीरज के खिलाफ तहरीर दी है, जिसके आधार पर पुलिस ने कमल को हिरासत में ले जांच शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार बिंटू लाला रविवार को अपने पड़ोसी व्यापारी और रिश्ते के तयेरे भाई प्रमोद कुमार और अपने बड़े बेटे सौरभ को लेकर अपनी अल्टो कार से तगादे पर गए थे। 

उन्होंने विजयगढ़, अकराबाद और विजयगढ़ देहात क्षेत्र में तगादा किया। इसके बाद रात करीब 8 बजे वापस लौट रहे थे। बिंटू खुद कार चला रहे थे। वह जैसे कस्बे से आधा किमी पहले रजवाहे के पास पहुंचे, तभी सामने से काले रंग की अर्टिका कार ने उनकी कार के आगे आकर उनको रोक लिया। एकाएक कार में से तीन-चार लोग उतरे, इसी बीच पीछे से बाइक पर दो लोग और आ गए। बिंटू और कार सवार अन्य लोग कुछ समझ पाते, तब तक बदमाशों ने हथियार निकाल लिए और उनकी कार का शीशा तोड़कर उसमें रखा नकदी से भरा बैग लूटने की कोशिश की। मगर बिंटू और अन्य के विरोध के चलते उसमें संभव नहीं हुए। इसी बीच एक बदमाश ने बिंटू के सिर और गर्दन में दो गोलियां मार दीं। 
विज्ञापन


इसके बाद बदमाश प्रमोद और सौरभ से मारपीट कर नकदी का बैग और मोबाइल आदि लूट ले गए। इधर, बिंटू लाला कार में ही लहूलुहान हो गए। आनन-फानन किसी तरह सौरभ ने परिजनों और थाना अकराबाद पुलिस को सूचना दी। तत्काल मौके पर पहुंची बिंटू के सहित मारपीट में घायल दोनों को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। खबर पर एसएसपी आकाश कुलहरि और एसपी देहात मणीलाल पाटीदार मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां परिजनों से बातचीत की। बाद में दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का भी मुआयना किया। 

घटना के संबंध में बेटे सौरभ की ओर से दी गई तहरीर में कस्बा निवासी भाजपा के राष्ट्रीय कार्यक्रम व बैठक विभाग के जिला संयोजक कमल अग्रवाल और उनके भाई धीरज और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ जमीनी रंजिश में हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।

तगादा करके लौटते कौड़ियागंज के व्यापारी की हत्या के दौरान लूट भी होना बताया जा रहा है। साथ में परिवार द्वारा कमल अग्रवाल से जुड़ी व्यापारिक और जमीनी रंजिश में हत्या का आरोप लगाया जा रहा है। अब तक की जांच में हत्या रंजिशन होना ही लग रहा है। फिर भी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। साक्ष्यों और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन

जेएन मेडिकल कॉलेज में रोते बिलखते परिजनों ने चीख चीखकर बताया कि बिंटू लाला को दूसरी बार मारने की कोशिश हुई। पहली बार में वह लोग सफल नहीं हो सके, मगर दूसरी बार में उन्होंने घटना के दौरान बिंटू को जिंदा छोड़ने का मौका नहीं छोड़ा। इतना ही नहीं, घटना को लूट दर्शाने की कोशिश की गई है। यह सुनते ही पुलिस के कान खड़े हो गए और परिजनों से बातचीत के आधार पर तत्काल बिंटू लाला के विरोधी कस्बे के ही भाजपा नेता कमल अग्रवाल को हिरासत में ले लिया गया। 

वहीं कस्बे में तनाव को देखते हुए एहतियातन पीएसी और कई थानों का फोर्स तैनात कर दिया गया है। जिले के प्रमुख व्यापारिक कस्बों में शामिल कस्बा कौड़ियागंज निवासी राजेश वार्ष्णेय का कारोबार पूरे अकराबाद, विजयगढ़ और गंगीरी तक फैला हुआ है। थोक का व्यापार होने के चलते उनके यहां से माल की सप्लाई छोटे दुकानदारों को जाती है। परिवार में पत्नी ललतेश के अलावा बड़ा बेटा सौरभ और छोटा गौरव है।

रविवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। उनके बगल में ही तयेरे भाई प्रमोद का भी व्यापार है। इस पर दोनों ने तय किया कि एक साथ तगादा करने चलेंगे। प्रमोद की मानें तो दिन भर के तगादे के बाद करीब साढ़े तीन लाख रुपया उन्होंने एकत्रित किया था। जिसे बदमाश लूट ले गए। पुलिस अधिकारियों से पूछताछ में प्रमोद और बेटे सौरभ के अलावा अन्य परिजनों ने बताया कि एक प्लाट को लेकर करीब 7 साल पहले 2012 में कमल अग्रवाल से उनकी रंजिश शुरू हुई। 

उस प्लाट पर कमल अपना कब्जा करना चाहते हैं। इसी रंजिश में उस समय भी बिंटू लाला को गोली मारी गई थी, मगर वह बच गए थे। रंजिश की दूसरी बड़ी वजह यह भी कि कमल अग्रवाल का भी खलचुनी का थोक कारोबार है। बिंटू ने इस कारोबार में भी कमल को टक्कर दे रखी है। दोनों इस बात को लेकर ज्यादा रंजिश रहती है। परिजनों का आरोप है कि इसी वजह से यह हत्या पूरी प्लानिंग से कराई गई है और घटना को लूट दर्शाने के लिए रुपया लुटवाया है।

इधर, मेडिकल कॉलेज के बाद एसएसपी और एसपी देहात घटनास्थल गए और कस्बे में पीड़ित परिवार से भी मिले। वहां उन्होंने सुरक्षा के इंतजाम के निर्देश दिए। इस दौरान एसएसपी ने इतना जरूर बताया कि बैग में रकम 50 हजार से ज्यादा नहीं थी। यह बात जांच में साफ हो गई है। इसलिए घटना को लूट से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें