महानगर के शाहजमाल एडीए इलाके की दो ताला फैक्टिरयों के जरिये बिना बिल बिल्टी के माल गैर प्रांतों को भेजा जा रहा था। पिछले सप्ताह ट्रांसपोर्टरों की जांच में इन दोनों फै क्टरी के नाम उजागर हुए। मंगलवार रात वाणिज्यकर की एसआईबी टीम ने शाहजमाल की इन दोनों फैक्टिरयों पर छापा मारा। इस दौरान जांच में पाया कि इन दोनों के संचालकों ने लाखों के टर्नओवर दिखा रखे हैं और कारोबार करोड़ों का दिखा रखा है। मौके पर 150 से ज्यादा मजदूर काम करते मिले और 50 लाख से अधिक का माल सीज किया गया।
शाह जमाल की सनराइज ट्रांसपोर्ट पर हुए छापे में हिटलर लॉक्स एंटर प्राइजेज व हिटलर इंडस्ट्री के बिल मिले थे। इनमें से एक की संचालक महिला मुमताज है और बेटा सादाब दूसरी का संचालक है। इन्हीं फैक्टरी पर मंगलवार रात जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड एक आरएन शुक्ला, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड दो एसआईबी अनूप माहेश्वरी के निर्देशन में डीसी एसआईबी पंकज कुमार सिंह ने छापा मारा।
जांच में पाया कि हिटलर लॉक्स इंटरप्राइजेज ने सालाना टर्न ओवर 16 लाख व हिटलर इंडस्ट्री का सालाना टर्न ओवर 3 लाख रुपये दर्शाया है। मगर मौके पर बड़े पैमाने पर ताले बनते और बिना बिल बिल्टी के ट्रांसपोर्ट के जरिये गैर प्रांत जाने के साक्ष्य मिले। यह माल बिना जीएसटी के भेजा जा रहा था।
50 लाख का कच्चा माल सीज किया गया है, जिसकी खरीद का कोई प्रपत्र भी नहीं दिखाया जा सका। इनमें से एक फर्म में 100, जबकि दूसरी में 45 मजदूर काम कर रहे थे। जांच में उजागर हुआ कि यह फर्में दो नंबर में व्यापार कर रही हैं। 2001 से पंजीकृत इन फर्मों की उसी साल से जांच होगी। सीज माल पर भी जीएसटी व पैनल्टी वसूली जाएगी।
इस तरह की कुछ अन्य फर्मो के नाम सामने आए हैं, उनका भी परीक्षया किया जा रहा है। डीसी एसआईबी पंकज कुमार के अनुसार सनराइज ट्रांसपोर्ट पर छापे के दौरान बिल मिले थे। उसी आधार पर हिटलर लॉक्स एटरप्राइजेज व हिटलर इंडस्ट्री पर छापा डाला गया। जांच में काफी कुछ गड़बड़ मिला है। अब पुराने रिकार्ड का मिलान कर जीएसटी तय की जाएगी।