अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की बैठक रविवार को अध्यक्ष ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय की अध्यक्षता में हुई। बैठक में इन दिनों खाद्य सुरक्षा कानून अधिनियम के नाम पर व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर की जा रही सैंपलिंग का विरोध किया गया। इस कार्रवाई को विभागीय अफ सरों की अवैध व असंवैधानिक वसूली करार दिया गया।
ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय ने कहा है कि व्यापारी शुद्ध वस्तु बेंचे। मिलावट खोरी की व्यापार मंडल ने कभी हिमायत नहीं की। मगर अफसरों ने हमेशा व्यापारियों को तिरछी नजर से ही देखा है। अगर डीएम की चाय में कीडे़ निकल आते हैं तो चाय के थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी शुरू कर दी जाती है।
मगर यह अफसर यह नहीं बता सकते कि शुद्ध चाय के मानक क्या हैं। अगर कोई व्यापारी थोक में खुली चाय की बिक्त्रस्ी करता है तो सीधे कंपनी से आने वाली खुली चाय की शुद्धता को वह कैसे परखे। प्रशासन इसकी व्यवस्था कराये। बिजली विभाग अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर धुंआधार नोटिस जारी कर रहा है।
जिनके मीटर खराब हैं और बदले गए हैं उनको एक मोटी राशि का बिल थमाया जा रहा है। अतिशीघ्र एक प्रतिनिधि मंडल वाणिज्य कर के प्रमुख सचिव से मुलाकात करेगा। स्थानीय अधिकारियों की मनमानी और नीयत के बारे में उन्हें अवगत कराएगा। बैठक में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र वार्ष्णेय, जिला महासचिव राजीव सिंह, जिला चेयरमैन सरदार ढाल सिंह, हाजी सुलेमान, हाजी असलम, सरदार बॉबी सिंह, सरदार जेपी सिंह, दीपक आदि मौजूद रहे।