अलीगढ़ शहर के अचलताल स्थित रामलीला मैदान में चल रहे श्रीरामलीला महोत्सव में विजयादशमी पर 2 अक्तूबर को इस बार रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले खास होंगे। पहली बार रावण का पुतला रिमोट के इशारे पर ठहाका लगाएगा। प्रभु श्रीराम का तीर लगते ही रावण की आंखों से अंगारे निकलेंगे और नाभि से खून की धार बहेगी।
रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले जोरदार ठहाके लगाने के साथ ही चारों ओर अपनी गर्दन भी घुमाएंगे। उनकी गर्जना से पूरा मैदान गूंज उठेगा। तीनों पुतलों की ढाल भी घूमती दिखाई देगी। इसके बाद नयनाभिराम आतिशबाजी भी होगी। इन पुतलों को तैयार करने में करीब आठ लाख रुपये का खर्च आएगा।
नुमाइश मैदान में पुतले तैयार करने का काम जनपद बुलंदशहर के कोतवाली डिबाई क्षेत्र के गांव दानपुर का एक मुस्लिम परिवार कर रहा है। अशफाक ठेकेदार की एक साथ तीन पीढ़ियां अपने परिवार के 10 सदस्यों के साथ पिछले दो सप्ताह से रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतले तैयार करने में जुटे हैं। अशफाक ने बताया कि उनका परिवार पुरखों के जमाने से पुतले बनाने का काम कर रहा है। जब वह दस वर्ष के थे, तब से ही पुतला बनाने का काम कर रहे हैं। अलीगढ़ में वह दसवीं बार पुतले तैयार कर रहे हैं।
वह मुंबई, गुजरात और दिल्ली आदि राज्यों में रावण आदि के पुतले तैयार कर चुके हैं। अशफाक ने बताया कि इस बार महंगाई काफी बढ़ चुकी है। इससे खर्चा अधिक आ रहा है। इन पुतलों के अलावा सोने की लंका तैयार करने का भी ठेका मिला है। नयनाभिराम आतिशबाजी भी होगी। उन्होंने बताया कि रावण का पुतला 65 फीट, कुंभकरण 55 फीट व मेघनाद का पुतला 50 फीट का होगा।
400 से अधिक स्थानों पर जलेंगे पुतले
जिले भर में 400 से अधिक स्थानों पर होगा रावण के पुतलों का दहन होगा। शहर में नुमाइश मैदान, नगला तिकोना-चंदनिया, कुंवरनगर, नगला बराैला, भमोला में रावण के पुतले का दहन होगा। इसके अलावा गली-मुहल्ले और अपार्टमेंट में छोटे-छोटे पुतलों का दहन किया जाएगा। देहात क्षेत्र में टप्पल, जट्टारी, खैर, गोंडा, इगलास, बेसवां, गोरई, मडराक, आसना, अतराैली, बिजाैली, पालीमुकीमपुर, बरला, छर्रा, गंगीरी, अकराबाद, काजिमाबाद, हरदुआगंज, जलाली, पिसावा, चंडाैस, गभाना आदि स्थानों पर रावण के पुतलों का दहन होगा।