खैर करवन नदी के पास अतिक्रमणि को हटवाते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
करबन नदी पर अतिक्रमण कर कॉलोनी के रास्ते के लिए बनाए गए डायवर्जन को अवैध मानते हुए सिंचाई-राजस्व की टीम ने शनिवार को हटा दिया। टीम ने आधा दर्जन जेसीबी व कई थानों के फोर्स के साथ जब अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई की तो वहां कॉलोनी से जुड़े लोग आ गए और विरोध किया। मगर पुलिस बल के आगे उनका विरोध न चला।
बता दें कि इसी अवैध कब्जे को लेकर पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ ने चेयरमैन संजीव अग्रवाल के खिलाफ शिकायत की थी। जांच में इसे अवैध पाया गया। इसी से जुड़ी रंजिश में चेयरमैन पर पूर्व विधायक व उनके पुत्र की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा और पुलिस ने उनको जेल भेजा है।
कस्बा के मोहल्ला नई बस्ती निवासी किसान कैलाश चन्द्र शर्मा पर करबन नदी के डायवर्जन पर अवैध कब्जा कर इंटरलॉकिंग से पक्का निर्माण/रास्ता तैयार करने का आरोप है। पूर्व विधायक द्वारा की गई शिकायत की जांच में इसे अवैध पाया गया।
इसी क्रम में वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर शनिवार को पुलिस फोर्स के साथ एसडीएम, सीओ व सिंचाई विभाग के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार सिंह आधा दर्जन जेसीबी, डंपर आदि लेकर पहुंच गए, जहां डायवर्जन के नाम पर कॉलोनी के लिए बनाया गया अवैध रास्ता तोड़ा गया। देर शाम तक यह कार्रवाई रही।
इस सूचना पर कॉलोनी से जुड़े तमाम लोग व व्यापार मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम गर्ग भी तमाम लोगों के साथ पहुंच गए। इन लोगों ने एसडीएम अनिल कटियार व सीओ राकेश सिसोदिया से वार्ता कर विरोध दर्ज किया, मगर उन्हें समझाकर वापस भेज दिया।
बता दें कि कॉलोनाइजर द्वारा विकसित की गई कॉलोनी के लोगों ने सांसद से रास्ता बनवाने के लिए कहा था। जिस पर सांसद ने नगर पालिका के माध्यम से यह काम कराने के लिए कहा था और चेयरमैन व ईओ द्वारा इस पर पक्का निर्माण कराया गया।