कस्बा के कन्या महाविद्यालय के सामने खैर इंटर कॉलेज द्वारा संचालित जमीन पर कब्जा कर बनाए गए कॉलेज के भवन को नगर पालिका और राजस्व विभाग की टीम ने मंगलवान की सुबह सात बजे बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। यह भवन पांच बीघा भूमि पर बना था। मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई।
बता दें कि खैर इंटर कॉलेज के प्रबंधक शीतल गंगल ने एक माह पहले तहसीलदार हीरालाल सैनी को आईटीआई कॉलेज की चाभी सौंप दी थी। तहसीलदार ने कॉलेज की जमीन को नगर पालिका की सुपुर्दगी में दे दिया था। नगर पालिका कर्मचारियों ने नए ताले लगाकर सभी कमरों व मुख्य गेट को बंद कर दिया था। करीब 50 करोड़ रुपये कीमत की 32 बीघा सरकारी जमीन पर खैर इंटर कॉलेज का कब्जा था। पांच बीघा भूमि में आईटीआई बनी हुई थी।
नगर पालिका अध्यक्ष संजीव अग्रवाल बिंटू ने बताया कि एसडीएम संजय मिश्रा के आदेश पर सरकारी जमीन पर बने अवैध आईटीआई कॉलेज को नगर पालिका की टीम ने बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया है और जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया है। कॉलेज के प्रबंधक शीतल गंगल का कहना है कि 1948 में यूनाइटेड प्रोविजन ने गाटा संख्या 1352 में पंजीकृत बैनामा किया था। इस पर आईटीआई बनी थी। नगर पालिका ने एसडीएम से किसी तरह आदेश करा लिए। इसके पुर्नस्थापना का मामला एसडीएम न्यायालय में चल रहा है। नगर पालिका द्वारा तोड़वाए गए आईटीआई के भवन की कीमत करीब पांच करोड़ रुपये है। एसडीएम संजय मिश्रा ने बताया कि उन्होंने आईटीआई के भवन को तोड़ने के लिए कोई आदेश नहीं किया है। यह जमीन नगर पालिका की देखरेख में दी गई थी और कार्रवाई की जिम्मेदारी नगर पालिका की ही है।