बुलंदशहर बलात्कार कांड के विरोध में भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को भेजा। भाजपाई इस घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं। इस घटना को लेकर विवादित बयान देने वाले नगर विकास मंत्री आजम खां भी भाजपा के निशाने पर हैं। भाजपाई उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
बुलंदशहर घटना की सीबीआई जांच की मांग कर रहे भाजपा की महानगर एवं जिला इकाई द्वारा अलग-अलग ज्ञापन दिया गया। पहले महानगर इकाई के नेता एवं कार्यकर्ता अध्यक्ष विवेक सारस्वत के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया। इसमें डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, पूनम बजाज, डॉ. राजीव अग्रवाल, कुशलपाल सिंह, मानव महाजन, आशुतोष वार्ष्णेय, संजीव राजा, दीपक मित्तल, डॉ. मुकेश शर्मा, हरीबाबू गुप्ता, भूपेंद्र वार्ष्णेय, ओपी लाला, अविनाश गौड़, मनोज शर्मा, वीएस पॉल, मनीष राय, पवन खंडेलवाल, योगेश वार्ष्णेय, अब्दुल हफीज, रीता राजपूत, संदेश राज, पुष्पेंद्र सिंह जादौन, राजीव भारती एवं शैलेंद्र गुप्ता आदि प्रमुख थे।
वहीं जिला इकाई के कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह, अनिल सेंगर, विमलेश वर्मा, मीराज राजपूत, कुशलपाल सिंह, शल्यराज सिंह, राम सिंह आर्य, भरत सिंह राजपूत, अमित चौधरी, दीपू शर्मा, संजय ठाकुर, मयंक गौड़, मुकेश लोधी, अख्तर पहलवान, बहाव कुरैशी, मयंक अग्रवाल, नागेंद्र प्रताप आदि मौजूद थे। भाजपाइयों ने इस कार्यक्रम का नाम बहन-बेटी के सम्मान में भाजपा मैदान में नाम दिया है। यह कार्यक्रम प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित किया गया।
अखिलेश राज्य में बलात्कार की घटनाओं में इजाफा
महानगर एवं जिला इकाई द्वारा राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि सपा सरकार के आने के बाद प्रदेश में बलात्कार की घटनाओं में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। 2012 में 1963 घटनाएं हुई। वहीं 2013 में 3050 एवं 2014 में 3467 घटनाएं हुई।
महिलाओं के साथ छेड़छाड़/अन्य उत्पीड़न की घटनाएं 2012 में 3247 थी, जो क्रमश: 3013 में 7303 एवं 2014 में 8605 हुई। दुराचार एवं उत्पीड़न की घटनाओं में 1500 मामले ऐसे हैं जो न्यायालय के हस्तक्षेप पर दर्ज हुए। सत्तारूढ़ दल के नेताओं का हस्तक्षेप इतना है कि व्यवस्था पंगु हो गई है।
सत्ताधारी दल के नेता न सिर्फ अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं, बल्कि स्वयं भी अपराध में संलिप्त है। बुलंदशहर की घटना के बाद भय एवं आतंक के कारण लोगों ने रात में चलना बंद कर दिया है। बुलंदशहर में सलीम, जुबेर, साजिद जैसे जिन अपराधियों के नामों का खुलासा हुआ है। वरिष्ठ मंत्री आजम खान ने एक संवेदनशील विषय का राजनीतिकरण करते हुए शर्मसार बयान देकर इस केस में आरोपी एक विशेष वर्ग के अपराधियों को बचाने का निंदनीय प्रयास किया है।
कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी देख चौके एडीएम सिटी
अलीगढ़। बुलंदशहर बलात्कार कांड के विरोध में कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते भाजपाईयों को देखकर एडीएम सिटी चौक गए। उन्होंने भाजपा नेताओं से कहा कि इतनी संख्या में आना था तो ज्ञापन बाहर दे देते। इस पर भाजपाईयों ने कहा कि गेट पर कोई नहीं था तो अंदर चले आए।
महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत ने बताया कि एडीएम सिटी को उम्मीद नहीं थी कि इतनी संख्या में हमलोग पहुंचेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर हमलोग चले आए। उल्लेखनीय है कि कलक्ट्रेट परिसर शांत क्षेत्र में आता है और उसमें प्रदर्शन मनाही है।