भैंस का दूध पीने से मासूम की हालत बिगड़ गई। इसी तरह गलत खानपान के चलते बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने हैं।
पहला मामला तीन महीने की एक बच्ची का है, जिसे परिजनों ने भैंस का दूध पिला दिया। इसके बाद बच्ची को तेज उल्टी-दस्त शुरू हो गए और हालत बिगड़ने पर उसे में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि इतनी कम उम्र के शिशु का पाचन तंत्र विकसित नहीं होता, इसलिए मां के दूध के अलावा अन्य दूध देना खतरनाक हो सकता है।
दूसरा मामला 10 वर्षीय जबीउल्लाह का है, जिसकी तबीयत फास्ट फूड खाने के बाद बिगड़ गई। उसे भी उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव जैन ने बताया कि नवजात और छोटे बच्चों के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम और सुरक्षित आहार है। तीन महीने के बच्चे को जानवर का दूध देना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। बच्चों को भी बाहर का तला-भुना और खुला फास्ट फूड खिलाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप बंसल ने बताया कि छह महीने से पहले बच्चों को मां के दूध के अलावा कुछ न दें। खुले और सड़क किनारे मिलने वाले फास्ट फूड खाने से बचें।
तीन महीने की बच्ची को भैंस का दूध पिला दिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई।
-गौरी, तीमारदार
10 साल के बेटे ने फास्ट फूड खा लिया था, जिससे उसे उल्टी-दस्त होने लगे।
-दिलशाद, तीमारदार