आजादी के पहले से शहर में कुटीर उद्योग के रूप में स्थापित ताला उद्योग को यह बजट संबल देने वाला होगा। इसमें सबसे महत्वपूर्ण क्रेडिट गारंटी स्कीम और कौशल विकास प्रशिक्षण 4.0 के जरिये तालानगरी में हाथ से बनने वाला ताला बहुत जल्द स्मार्ट होगा और चीन से टक्कर देने का पूरा प्रयास किया जाएगा। ताला कारोबारियों को पूरी उम्मीद है कि यह बजट दूरगामी सोच के साथ बनाया गया है।
शहर के सबसे पुराने और नामचीन ताला उत्पादक धनजीत वाडरा बताते हैँ कि बजट वाकई उम्मीद के अनुसार है। वे कहते हैँ कि इस बजट से लंबा रास्ता तय करने और मजबूत सकल घरेलू उत्पाद में इजाफा करने का ध्यान रखा गया है। एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी योजना वाकई बड़ा संबल साबित होगी।
वे बताते हैं कि तमाम छोटे कारखानों में ताला बनने के कारण आज यह उत्पाद जिले को ओडीओपी का तमगा दिलाए हुए है। हालांकि हम अभी चीन से टक्कर लेने का प्रयास कर रहे हैं। लड़ाई जारी है। उम्मीद है कि आने वाले समय में बड़ी सफलता मिलेगी। मगर इस बजट ने उस प्रयास को और मजबूत करने का प्रयास किया है। वे कृषि, रोजगार, आय आदि के साथ इसे विकासोन्मुखि बजट बताते हैं। कहते हैं कि आने वाले समय में अलीगढ़ के ओडीओपी के साथ हर क्षेत्र में इसके लाभ दिखाई देंगे।
इसी तरह व्यापारी व उद्योग व्यापार संगठन के संरक्षक अनुराग गुप्ता बताते हैं कि बाजार में रुपया न घूमने के कारण अभी तक हमारे शहर का ताला उद्योग कुछ कमजोर पड़ा हुआ था। मगर आयकर स्लैब में छूट के बाद छोटे व कुटीर उद्योग के रूप में संचालित होने वाला ताला उद्योग निश्चित रूप से गति पकड़ेगा। इसी तरह लिंक लॉक के संचालक हुमायूं जफर बतातेहैं कि सीधे तौर पर ताला उद्योग को जरूर कोई सहूलियत नहीं मिली। मगर आयकर स्लैब में छूट, ब्याज दर में 1 फीसदी की छूट ताला उद्योग को बाजार में पैसा घूमने पर मंदी के दौर से उबारेगा। यह निर्णय अगर परिणाम अच्छे आते हैं तो स्वागत योग्य होगा।