केंद्र सरकार के बहु प्रतीक्षित आम बजट पर जिले के अधिसंख्य लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। किसी का बजट बना तो किसी का बिगड़ गया। डिविडेंड का एडवांस टैक्स देने से राहत मिली है तो 75 वर्षीय बुजुर्गों को निर्धारित आय पर कर देने और रिटर्न जमा करने के झंझट से मुक्ति मिली है। एक्साइज ड्यूटी घटने से लोहे और तांबे के दाम कम होकर स्थिर होने की उम्मीद से हार्डवेयर, ताला, इलेक्ट्रिक आइटम बनाने वाले से लेकर रियल एस्टेट तक के कारोबारियों ने कुछ राहत महसूस की है। माना जा रहा है सोने के दाम भी 8 से 10 फीसदी तक गिर सकते हैं।
इधर, हजारों मध्यम वर्गीय परिवारों को आयकर के स्लैब में कोई बदलाव नहीं होने से मायूसी हुई है। वहीं मोबाइल फोन महंगे होने, पेट्रोल-डीजल में कृषि सेस लगने से लोगों को निराशा हाथ लगी। बजट से आम लोगों को सीधे तौर पर कोई बहुत बड़ी राहत तो नहीं मिली है लेकिन बाजार में धन का प्रवाह कराने वाली नीतियों के लागू होने से आने वाले दिनों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जरूर जगी है।
राहत
1- स्टील, तांबा में एक्साइज ड्यूटी घटने से कच्चे माल का रेट कम होगा। ताला, इलेक्ट्रिक गुड्स और हार्डवेयर के साथ रियल स्टेट कारोबारियों को राहत।
2- जिले के 40 हजार निवेशकों को शेयर, म्यूचुअल फंड और मार्केट लिंक्ड बीमा योजनाओं के डिविडेंड पर एडवांस टैक्स देने से राहत मिली है।
3- जिले के करीब 10 हजार 75 वर्षीय बुजुर्गों को सालाना तीन लाख रुपये तक की आय होने पर आयकर और रिटर्न जमा करने से राहत मिली।
4- एफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम में कोई फेरबदल नहीं होने से रियल स्टेट की बढ़त बरकरार रहने की उम्मीद बन गई है। प्रापर्टी कारोबार में बढ़त जारी रहेगी। सस्ते मकानों का विकल्प मौजूद।
5- बीमा क्षेत्र में निवेश सीमा 74 फीसदी करने से कई बीमा कंपनियां आएंगी और इस क्षेत्र का विस्तार होगा, जिससे रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। अलीगढ़ में इसकी बड़ी संभावना।
6- एक्साइज ड्यूटी कम होने से सोने के दाम लगभग 8-10 फीसदी तक कम होने की उम्मीद। जिससे सराफा बाजार और ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी।
7- जिले के 3.26 किसानों को पीएम सम्मान निधि के तहत सालाना 6 हजार रुपये का भुगतान जारी, इस योजना से जिले को एक अरब 95 करोड़ 60 लाख रुपये मिलते हैं, जो सीधे किसानों को जाते हैं।
8- कोई नया कर लागू नहीं होने से, कोविड सरचार्ज नहीं लगने से आम लोगों ने राहत महसूस की, माना जा रहा था कि इस तरह का कोई कर लगाया जा सकता है।
मुसीबत
1- मध्यम वर्गीय परिवारों को आयकर के स्लैब में बदलाव की पूरी संभावना दिख रही थी, लेकिन सरकार ने कोविड सरचार्ज नहीं लगाया तो आयकर में कोई छूट भी नहीं दी है।
2- पेट्रोल और डीजल के दामों में कृषि सेस लगाए जाने से इनके आसमान छूते दाम और बढ़ेंगे। जिससे महंगाई बढ़ने की पूरी संभावना।
3- घरेलू इस्तेमाल में आने वाली अधिकांश चीजों के दाम में कोई राहत नहीं। खानपान की सामग्री भी सस्ता होने की उम्मीद नहीं।
4- मोबाइल फोन पर 2.50 फीसदी की ड्यूटी बढ़ जाने से स्मार्टफोन या साधारण फोन लेना महंगा होगा। जिले में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 20 लाख रुपये।
5- कुटीर उद्योगों के लिए कोई विशेष राहत नहीं दिए जाने से कारोबारियों को कुछ मायूसी हुई है। निर्यात प्रोत्साहन की भी विशेष योजना नहीं।
6- रसोई गैस, सीएनजी और एलपीजी के दामों में कोई कमी नहीं होने से आम आदमी को इनकी महंगी खरीददारी करनी होगी। घरेलू गैस सिलिंडर 713 रुपये के भाव पर पहुंचा।
ये बजट दीर्घकालिक योजनाओं को बल देने वाला है। इससे बाजार में सरकार की ओर से पैसों का प्रवाह बढ़ेगा, जिसका लाभ जनता को होगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। डिविडेंड का एडवांस टैक्स खत्म करने, 75 वर्षीय बुजुर्गों को निर्धारित आय में आयकर और रिटर्न से मुक्त करने की पहल बहुत अच्छी हैै। तांबा, स्टील और अन्य धातुओं में एक्साइज ड्यूटी कम होने से ताला, हार्डवेयर, इलेक्ट्रानिक आइटम, रियल स्टेट को कच्चे माल खरीदने में राहत मिलेगी।
विजय पचीसिया, आर्थिक मामलों के जानकार।
आम बजट से लोगों को अभी सीधे तौर पर राहत नहीं महसूस होगी। इसमें वक्त लगेगा, लेकिन इससे देश के समग्र विकास का पहिया घूमेगा, जिसमें कई सरकारी कंपनियों, बैंकों और बीमा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा। लोगों को रोजगार के नये अवसर दिलाने का प्रयास किया गया है।
विशाल वार्ष्णेय, वाणिज्य कर एवं आयकर अधिवक्ता।
एफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम में आयकर, प्रधानमंत्री आवासीय योजना की सब्सिडी, होम लोन में सभी दरें यथावत रखने से रियल एस्टेट को राहत मिली है, लेकिन पेट्रोल-डीजल में कृषि सेस लगाने को तर्कसंगत नहीं बताया जा सकता। हां, रियल एस्टेट को स्टील के दामों में एक्साइज ड्यूटी में राहत मिलने से कुछ लाभ हो सकेगा। आने वाले दिनों में स्थानीय रियल स्टेट कारोबार आगे बढ़ेगा।
प्रवीण मंगला, सीएमडी ओजोन सिटी