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मायावती पर हमलावर नहीं हुए रामवीर उपाध्याय, कई अहम सवालों के नहीं दिए सटीक जवाब

Thu, 23 May 2019 03:42 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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रामवीर उपाध्याय (लाल घेरे के अंदर) - फोटो : फाइल फोटो
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पूर्व ऊर्जा मंत्री व सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय ने मीडिया के सवालों के दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया। मायावती पर आरोप लगाने से उपाध्याय बचे।  बसपा उन्होंने छोड़ी दी है या छोड़ेंगे, इस सवाल  का स्पष्ट उत्तर उपाध्याय ने नहीं दिया। एक तरफ वह यह कहते  रहे कि जब पार्टी ने उनका निलंबन कर दिया है तो वह खुद को बसपाई नहीं मान रहे लेकिन साथ ही यह भी कहते रहे कि बसपा के विधायक तो वह हैं ही। 

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पत्रकारों से वार्ता करते समय उन्होंने मायावती को बहनजी कहकर ही संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वह करीब 23 साल बसपा में रहे हैं और मायावती उनकी नेता रही हैं तो वह उनके लिए तो वह बहनजी कहकर ही संबोधित करेंगे। उन्होंने यह जरूर कहा कि पार्टी में उनसे द्वेष रखने वाले लोगों ने उन्हें निलंबित कराया है। उपाध्याय यह भी बोले कि जब बहनजी ने उन्हें बसपा से निलंबित कर दिया और मुख्य सचेतक पद से हटा दिया तो वह खुद को बसपाई नहीं मान रहे लेकिन क्या वह बसपा की सदस्यता छोड़ दी है या छोड़ देंगे, इस पर उन्होंने स्थिति स्पष्ट नहीं की।  

बसपा में वापसी के सवाल पर भी वह खामोश रहे और यही कहते रहे कि यह सवाल बहन  जी से पूछा जाना चाहिए। एक तरफ उपाध्याय यह कहते रहे कि वह खुद को बसपाई नहीं मान रहे,  क्योंकि बहनजी ने उनका निलंबन कराया है लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह बसपा से वह विधायक तो हैं ही।
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ऑफिस में लगी है मायावती की तस्वीर
हाथरस। रामवीर के  समर्थन में काफी लोगों ने बसपा से इस्तीफे दे दिए हों, मायावती के खिलाफ नारेबाजी हुई हो लेकिन रामवीर के ऑफिस में अभी भी मायावती की तस्वीर लगी है और वह उतरी नहीं है।

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