बसपा के पांच पार्षदों के सपा में जाने से पार्टी के अंदर राजनीति गरमा गई है। पार्टी अब दल बदलने वाले पार्षदों पर कार्रवाई करने की बात कह रही है। बसपा जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह ने कहा कि इतिहास गवाह है कि पार्टियों से नेता बनते हैं, नेताओं से पार्टियां नहीं बनती हैं। पार्टियों में आने जाने का सिलसिला नया नहीं है। अगर एक प्रत्याशी और पांच पार्षद बसपा से गए हैं तो सैकड़ों आए भी हैं। हर रोज नये लोग जुड़ रहे हैं। फिलहाल इस दल बदल की खबर प्रदेश स्तर पर दे दी गई है। निर्देश मिलने पर कार्रवाई होगी।
फिलहाल पांच पार्षदों आशू मेंबर, शाकिर अली, फिरोज, शकील खान और हफीज अब्बासी के जाने से पार्टी पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। पार्षदों से उनके नाराज होने की वजह भी जानी जा रही है, ताकि अगर कहीं कुछ गलती हुई हो तो उसको सुधारा जा सके। जिलाध्यक्ष ने उक्त पांच पार्षदों के जाने की पुष्टि की है। पहले मेयर और बाद में विधायक का चुनाव लड़ चुके मो. सगीर के बसपा से सपा में जाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनको मेयर और विधायक दोनों प्रमुख चुनाव का टिकट देकर मौका दिया। पूरी मेहनत से चुनाव लड़वाया। अब अगर वो सपा में जाना चाहते हैं तो ये उनकी इच्छा है।