फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: रिश्तेदार से लाए बीज, बना दिया अरहर का बगीचा

Mon, 30 Mar 2026 02:34 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
विज्ञापन
अरहर के पौधे के बारे में बताते किसान जलालुद्दीन - फोटो : samvad
विज्ञापन
गांव गनियावली के किसान जलालुद्दीन गांव गाजीपुर निवासी परिचित के घर से दो बीज लाए थे। उस बीज से और बीज पैदा कर अरहर का बगीचा तैयार कर दिया। वह बताते हैं कि यह पौधे लगातार पांच साल तक पैदावार देंगे। एक-एक पौधे से 5-7 किलोग्राम अरहर मिलेगी।
विज्ञापन

जलालुद्दीन बताते हैं कि करीब दो साल पहले गांव गाजीपुर में एक परिचित के घर गए थे। परिचित ने अपने घर खास किस्म की अरहर के कुछ पौधे लगा रखे थे। बताया कि प्रत्येक पौधे 5 से 7 किलोग्राम अरहर की पैदावर दे देता है। वहां से दो पौधे के लिए बीज लाए थे। पौधा तैयार कर पहले साल में बीज तैयार किए। उस बीज से तैयार पौधों की संख्या अब 135 है।
वह बताते हैं कि बीज रोपण के एक साल बाद ही पौधा उपज देना शुरू कर देता है। फूल आने पर पौधे की सुंदरता बहुत आकर्षक हो जाती है। पहली नजर में यह तय कर पाना मुश्किल हो जाता है कि यह अरहर का पौधा है।
विज्ञापन

स्थानीय किसान देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि जलालुद्दीन के इस अरहर के बगीचे को देखने के लिए दूर-दराज के किसान भी गांव आ रहे हैं। शनिवार को हापुड़ से एक किसान विशेष रूप से इस खास प्रजाति के अरहर के बगीचे को देखने आए थे।
बेर के बाग में ही तैयार किया अरहर का बगीचा
किसान जलालुद्दीन ने बताया कि उनकी पांच बीघा में बेर की बाग है। उसमें बेर के कुछ पुराने पेड़ नष्ट हो चुके हैं। इन पेड़ों और बाग की अन्य खाली जगह पर ही इस खास प्रजाति के अरहर के बीज रोपे थे, जो अरहर के बगीचे के रूप में तैयार हो चुके हैं। अरहर की इस फसल में पानी बहुत कम लगता है। 135 पौधे तैयार करने में करीब तीन हजार रुपये की लागत आई है। देसी और बैसाख में बोई जाने वाली अरहर प्रति पौधा करीब 500 ग्राम उत्पादन देती है। हर बार खेत की जुताई कर नए सिरे से बुआई करनी पड़ती है। हर बार उर्वरक डालना पड़ता है, लेकिन इस खास प्रजाति में एक बार तैयार पौधा ही पांच साल तक पैदावार देता है।


किसानों ने इस तरह की फसल की है तो तारीफ के योग्य है। मौके का निरीक्षण कर इसकी जानकारी की जाएगी। किसानों को प्रोत्साहित करेंगे। - राजवीर सिंह, सहायक विकास अधिकारी कृषि।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें