खैर क्षेत्र के गांव बझेड़ा से अगवा आईटीआई छात्र सुरेंद्र की अपहरण वाली रात ही गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को सुरेंद्र के दोस्त और तयेरे भाई ने साथियों संग मिलकर अंजाम दिया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर मथुरा के नौहझील क्षेत्र में यमुना के खादर से छात्र का शव बरामद कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस वारदात को फिरौती वसूली के साथ-साथ प्रेम संबंध में बाधा बनने की वजह से अंजाम दिया गया था।
एसपी देहात शुभम पटेल व एएसपी विकास कुमार ने शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि गांव बझेड़ा के किसान उदयवीर सिंह का 22 वर्षीय बेटा सुरेंद्र पाल सिंह अलीगढ़ के निजी कालेज से आईटीआई कर रहा था। सोमवार दोपहर वह घर से खेतों के लिए निकला था। तभी से गायब था। मंगलवार दोपहर सुरेंद्र के मोबाइल से उसकी बहन के मोबाइल पर संदेश मिला कि उनका बेटा सुरेंद्र हमारे पास है। उसे जीवित चाहते हो तो 20 लाख रुपये देने होंगे। मैसेज में दो दिन में इंतजाम कर मथुरा से हैदराबाद जाने वाली ट्रेन में रुपयों को रखने के लिए कहा गया।
इस मैसेज के मिलने पर परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने तत्काल अपहरण का मुकदमा दर्ज कर एसओजी, सर्विलांस की मदद से छात्र की तलाश शुरू कर दी। जांच में छात्र के तयेरे भाई भूपेंद्र पर शक गहराया। पता चला कि आखिरी बार भूपेंद्र को उसके साथ देखा गया था। जब उसकी लोकेशन व गतिविधियों पर ध्यान दिया गया तो सोमवार की देर रात उसकी लोकेशन नौहझील में मिली। साथ ही देर रात तक कुछ नंबरों पर उसकी बातचीत भी प्रकाश में आई। जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ गई तो वह टूट गया और पूरी घटना का राजफाश कर दिया।
छात्र के दोस्त संग मिलकर भाई ने रची साजिश
एसपी देहात के अनुसार, भूपेंद्र ने स्वीकार किया कि दोनों एक ही खानदान से हैं। मगर सुरेंद्र का परिवार पैसों से संपन्न होने के कारण वह अंदर से उससे ईर्ष्या रखता था। इसी विषय पर एक दिन उसकी चर्चा सुरेंद्र के दोस्त शिवकुमार उर्फ रिंकू से हुई तो उसने बताया कि उसका एक युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। दोनों में फोन पर बातचीत होती थी। लेकिन सुरेंद्र ने विरोध करते हुए बात बंद करा दी। उसने चेतावनी दी थी कि अगर आगे से ऐसा हुआ तो उसके घर वालों से शिकायत कर देगा। इसके बाद से रिंकू भी सुरेंद्र से परेशान था। जब रिंकू व भूपेंद्र में बातचीत हुई तो दोनों ने उसकी हत्या और फिरौती वसूली की प्लानिंग बना ली। इसी योजना के तहत रिंकू ने अपने मामा रतन सिंह निवासी देदना नौहझील, मथुरा व उसके दोस्त राहुल निवासी अब्दुल्लागंज बाढ़ी रायसेन (मध्यप्रदेश) को फिरौती के हिस्से का लालच देकर साजिश में शामिल कर लिया। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार करने वाली टीम
इस गिरफ्तारी टीम में इंस्पेक्टर प्रवेश कुमार, संजय सिंह, सुरेंद्र बाबू, गोपाल सिंह, आलोक, अमित के अलावा सर्विलांस के संजीव कुमार, ऋषिपाल, शोएब आलम, ज्ञानवीर व मनोज शामिल रहे।
पिलाई शराब, फिर मारकर दफनाया
एसपी देहात के अनुसार, घटना वाले दिन भूपेंद्र उसे घर से पार्टी के बहाने ले गया और गांव के बाहर अपनी कार में बैठाकर उसे शराब पिलाई। उस समय कार में तीनों आरोपी भी मौजूद थे। जब सुरेंद्र को नशा हो गया तो उसके मुंह में कपड़ा ठूंस कर व गमछे से मुंह बांधकर टेप चिपका दिया। इस कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद रतन सिंह के कहने पर वे शव को उसके गांव ले गए और वहां यमुना के खादर में बालू में शव को दफन कर दिया। इस दौरान सुरेंद्र की जींस, शर्ट, मोबाइल आदि अपने पास रख लिए, जिनमें से कपड़े व मोबाइल सोफा नहर में फेंक दिए थे। पुलिस ने आरोपियों से सुरेंद्र का वोटर कार्ड, फावड़ा, रस्सी, गमछा, टेप व कार बरामद कर ली है।
मोबाइल में नया सिम डालकर भेजा मैसेज
वारदात के अगले दिन आरोपियों ने नया सिम खरीदा, जिसे सुरेंद्र के मोबाइल फोन में डालकर उसी से सुरेंद्र की बहन को मैसेज भेजा। एसपी देहात के अनुसार इसी वजह से सर्विलांस डिटेल में आरोपियों व सुरेंद्र के मोबाइल की आईएमईआई से मोबाइल लोकेशन, सीडीआर आदि का मिलान होने पर काफी मदद मिली। उन्होंने हैदराबाद की ट्रेन में रुपये रखने की बात कहकर यह गफलत पैदा करने की कोशिश की कि पुलिस व परिवार भ्रमित हो जाएंगे।