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Aligarh News: हत्या कर लूटी बोलेरो को दो साल से चला रहे थे संघ कार्यवाह पर हमले के आरोपी दोनों भाई

Wed, 21 Dec 2022 08:00 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मडराक में संघ कार्यवाह नवनीत पर हमला करने वाले दाेनों भाईयों ने दो साल पहले कानपुर के एक बोलेरो चालक की हत्या की थी। तभी से उसकी बोलेरो दोनों भाई टैक्सी में उपयोग कर रहे थे। पूछताछ में दोनों भाईयों के बारे में कई और राज खुले।
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दोनों फरार हमलावर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संघ कार्यवाह पर हमला व बाइक लूट के आरोपी भाई बेहद शातिर हैं। वर्ष 2019 में कानपुर से लूटी गई बोलेरो के चालक की हत्या कर शव उन्नाव में फेंका था। आज तक उस वारदात में इन दोनों का नाम नहीं आया और उसी बोलेरो को आज तक ये दोनों भाई टैक्सी के रूप में चला रहे थे। गिरफ्तारी के बाद रात भर चली पूछताछ में दोनों भाइयों ने यह सच स्वीकारा। मंगलवार को पुलिस ने दोनों भाई व संरक्षण देने के आरोपी एक भाई के साले को जेल भेज दिया।
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मडराक में 16 दिसंबर की रात मुकुंदपुर के नवनीत संग हुई वारदात में पुलिस ने दो दिन के प्रयास के बाद सोमवार को आशीष वर्मा व रविंद्र उर्फ राजू मूल निवासी बर्रा कानपुर नगर हाल निवासी साईं वाटिका फेस-2, सासनी गेट को गिरफ्तार किया था। रात भर चली पुलिस जांच व पूछताछ में उजागर हुआ कि इन दोनों भाइयों का कानपुर में साइकिल का व्यापार था। वहां एक कमेटी डालने के विवाद में हुए झगड़े में आशीष पर मुकदमे दर्ज हुए। इसके बाद ये भाई अपराध करने लगे। इनके पास खुद ही एक बोलेरो हुआ करती थी। जिसकोे इन्होंने वहीं किसी को बेच दिया था। इसी बीच पुलिस इन दोनों भाइयों को परेशान करने लगी, तो इन्होंने कानपुर छोड़ने का मन बनाया।

दिसंबर 2019 में इन्होंने कानपुर से एक बोलेरो लूटी, जिसके चालक भगवान दास की हत्या कर शव उन्नाव क्षेत्र में फेंक दिया था। इस घटना का आज तक खुलासा नहीं हुआ। इस पर पुलिस ने जानकारी की तो पता चला कि हमीरपुर के भगवान दास की हत्या के बाद यह टैक्सी लूटी गई थी, जिसका मुकदमा टैक्सी स्वामी ने कानपुर फजलगंज थाने में दर्ज कराया था। नवनीत पर हमले की घटना के बाद बोलेरो इन्होंने अपने साले के पास ही छोड़ दी थी। वहीं से साले को गिरफ्तार कर बोलेरो को बरामद किया गया है।
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खुद की गाड़ी का नंबर डाला, इसलिए नहीं पकड़े

तब से इस गाड़ी को यह अलीगढ़ में रहकर अपनी बेची हुई गाड़ी के नंबर पर चला रहे थे। चेकिंग में कभी इसलिए नहीं पकड़े गए कि जब भी पुलिस जांच करती तो नंबर आशीष के नाम से ही आता था। इससे ज्यादा गहराई से कभी पुलिस ने चेकिंग नहीं की। यहां किराये पर रहने के दौरान इस बोलेरो व एक अन्य स्विफ्ट को टैक्सी पर चलाते थे। इस दौरान शादियों में कभी कभी जेब काटना भी स्वीकारा है। गाड़ी हमेशा आशीष के इगलास निवासी साले लाला उर्फ देशदीपक के पास रहती थी। वही बुकिंग आदि में मदद कराता था। इसी बोलेरो से नवनीत पर हमला किया गया था। इस संबंध में अब कानपुर पुलिस को बता दिया गया है। दोनों भाई मोहल्ले में किसी से वास्ता नहीं रखते थे। इसके अलावा इनका लखनऊ की एक बैंक में संपर्क था। वहां नीलामी के घर आदि बिकवाने का धंधा भी कमीशन पर करते थे।

सिर्फ अपाचे बाइक के लिए की लूट
संघ पदाधिकारी पर हमला व लूट को लेकर पूछताछ में इन्होंने स्वीकारा कि उन्हें एक अपाचे बाइक की जरूरत थी। उसी को लूटने के इरादे से घूम रहे थे। इसी बीच नवनीत से सामना हुआ और उसे लूट लिया। इसके अलावा कोई और उद्देश्य सामने नहीं आया।
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पिता रेलकर्मी, खुद के नाम लाइसेंसी रिवाल्वर

सीओ इगलास राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जांच पड़ताल में उजागर हुआ है कि इनके पिता रेलवे से सेवानिवृत्त हैं। छह बहनों में से एक यूएस में है। खुद का भी ठीकठाक कारोबार था। इसी बीच राजू ने अपने नाम लाइसेंसी रिवाल्वर ली थी। अब उस रिवाल्वर का लाइसेंस निरस्त कराने के संबंध में कानपुर पुलिस को रिपोर्ट भेज दी गई है। इनमें से राजू की दो शादियां हुईं, जिनमें से पहली की मौत हो गई, जबकि दूसरी छोड़कर चली गई।

पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम 
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि दोनों मुख्य आरोपी व साले को जेल भेजा गया है। वहीं इस प्रकरण में साफ हुआ कि यह लूट के लिए हुआ। बोलेरो भी 2019 में कानपुर में घटित अपराध से संबंधित पाई है। घटना का सफल अनावरण करने वाली टीम को 25000 रुपये का इनाम दिया गया है। साथ ही लोगों से अपील है कि अपने घरों में रहने वाले किरायेदारों का सत्यापन अवश्य करा लें, इसके लिए यूपी कॉप ऐप का भी प्रयोग कर सकते हैं। भविष्य में इस तरह के अपराध होने पर, विवेचकों को मकान मालिक की भी अपराधियों को शरण देने में आदि भूमिका की भी जांच करने के आदेश दिए गए हैं। आपराधिक संलिप्तता पाए जाने पर मकान मालिक के विरुद्ध भी अंतर्गत धारा आईपीसी 216, 120 बी आदि कार्रवाई की जा सकती है।
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