सिविल लाइन के भमोला इलाके में विवादित जमीन पर एएमयू द्वारा कब्जा लेने के प्रयास में गुरुवार को हुए बवाल के बाद फिर टकराव की नौबत आ गई। गुुरुवार को विवादित भूमि पर एक गाय के मरने के बाद उसे वहीं दफना दिया गया। उस स्थान पर स्थानीय लोगों ने रातों रात चबूतरा बना कर देव प्रतिमा स्थापना कर दी। शिकायत के आधार पर शुक्रवार को जब पुलिस और प्रशासनिक ने उसे हटाने पहुंचे तो टकराव की स्थिति बन गई। इसके बावजूद भारी पुलिस बल, पीएसी, आरएएफ और अधिकारियों की फौज की मौजूदगी में चबूतरे को हटवाया गया। इस दौरान एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने भमोला स्थित यूनिवर्सिटी क्वार्टरों का निरीक्षण किया।
याद रहे कि गुुरुवार को जमीन के एक टुकड़े को अपना बताते हुए एएमयू संपत्ति विभाग ने उसके चारों ओर बाउंड्री वाल डालने की पहल की। इसकी जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग विरोध करने पर उतर आए। इसी बीच करंट लगने से एक गाय की मौत हो गई। इसपर जनता ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। एएमयू के संपत्ति अधिकारी पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दूसरी तरफ पुलिस ने कहा है कि, जांच के बाद ही एएमयू की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मुकमा दर्ज किया जाएगा।
गुरुवार को करंट से मरी गाय को दफना कर चबूतरा बना दिया गया है। उस पर देव प्रतिमा भी स्थापित कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस फोर्स उस चबूतरे को हटाने के लिए जेसीबी आदि के साथ पहुंचे तो स्थानीय लोग विरोध में आ खड़े हुए।
महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गईं। लोग लाठी डंडे, बल्लम, ईंट पत्थर लेकर हाथ में आ गए। सूचना पर महापौर शकुंतला भारती, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, जिलाध्यक्ष नत्थी सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता संजीव राजा, सांसद प्रतिनिधि संदीप चाणक्य, पूनम बजाज, मानव महाजन, पुष्पेंद्र सिंह जादौन आदि भी पहुंच गए। मौके की नजाकत को देखते हुए प्रशासन ने पीएसी और आरएएफ को भी बुला लिया। अन्य थानों का फोर्स भी मौके पर पहुंच गया। किसी तरह लोगों को समझाया गया और चबूतरे की ईंटों को पुलिस ने स्वयं ट्रैक्टर में रखा। चबूतरा हटवाया गया। तय हुआ कि जमीन से जुड़े सभी पक्ष अपने अपने दस्तावेज जिलाधिकारी के समक्ष रखें। इसके बाद ही फैसला किया जाएगा। तब तक यथास्थिति बनी रहेगी।
सांप्रदायिकता फैला रहीं मेयर : एएमयू वीसी
एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने भमोला प्रकरण को लेकर मेयर शकुंलता भारती पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि मेयर घटना को सांप्रदायिक रंग देने में लगी हैं। 2 जून को उनकी वहां मौजूदगी यही साबित करती है। कुलपति ने डीएम राजमणि यादव से फोन पर बात कर कहा कि यूनिवर्सिटी की संपत्ति पर चारदीवारी के निर्माण को लेकर घटना को सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है। शुक्रवार को स्वयं कुलपति उस स्थान को देखने गये, जहां गत दिवस बाउंड्रीवाल कराने में यूनिवर्सिटी के प्रापर्टी विभाग के कर्मचारियों को रोका गया था। कुलपति ने डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि मुझे खेद व्यक्त करते हुए यह सूचना देनी है कि गुरुवार की रात को यूनिवर्सिटी की भूमि पर गैरकानूनी ढंग से चबूतरा बनाकर कुछ मूर्तियां रख दीं, जिससे छात्रों में आक्रोश है। अलीगढ़ की मेयर भी 2 जून को वहां पहुंची और वहां पर सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास किया। कुलपति ने मांग की है कि इस गैरकानूनी ढांचे को तत्काल हटवाया जाए और मेयर को परामर्श दिया जाए कि वह इस घटना को लेकर नगर में सांप्रदायिक द्वेष न फैलने दें।
शांति और सद्भाव बनाए रखना मेरी जिम्मेदारीः मेयर
एएमयू कुलपति के बयान दिए जाने पर मेयर शकुंतला भारती ने कहा है प्रतीत होता है कि संभवत: एएमयू कुलपति को किसी ने भ्रामक जानकारी दी है। जनता की सेवक और प्रतिनधि होने के नाते किसी विवाद की स्थिति में घटनास्थल पर पहुंचना मेरी जिम्मेदारी है और कर्तव्य है। मैं शहर की प्रथम नागरिक हूं। इस नाते शहर में शांति और सद्भाव बनाए रखना मेरी जिम्मदेरी है। साथ ही जनता के साथ खड़ा होना मेरा फर्ज है। इसी जिम्मेदारी और फर्ज को निभाने के क्रम में मैं भमोला गई थी। मेरी मौजूदगी को सांप्रदायिक नजरिए से देखना उचित नहीं है। मैंने भमोला मामले को शांतिपूर्वक निपटाने में ही अपनी भूमिका अदा की है।
भमोला में यथास्थिति बनाए रखने के दिए गए निर्देश
मथुरा के जवाहर बाग में अवैध कब्जे को लेकर हुए खूनी संघर्ष ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को अंदर तक हिलाकर रख दिया है। इस हिंसक टकराव में एसपी सिटी-सीओ मथुरा मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष कुमार यादव शहीद हुए हैं। ऐसे में भमोला प्रकरण को लेकर स्थानीय जिला प्रशासन खासा सख्त हो गया है। प्रशासनिक अधिकारी न भाजपाइयों की बातें सुन रहे हैं और न ही एएमयू प्रशासन की। शुक्रवार को एसीएम द्वितीय आदि की मौजूदगी में घटनास्थल पर दोनों पक्षों की बातें सुनी गईं। इस दौरान दोनों पक्षों से जमीन के मालिकाना हक के कागज मांगे गए। साथ ही उन्हें फैसला होने तक यथास्थिति बनाए रखने की हिदायत दी गई। एएमयू प्रशासन को भी निर्णय होने तक बाउंड्रीवाल का निर्माण न कराने को कहा गया है। कब्जा बरकरार रखने के लिये दूसरे पक्ष द्वारा चबूतरा बनाकर देव मूर्ति लगाने के मामले में कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने विवादित चबूतरा शुक्रवार को हटवा दिया है। इधर, हंगामे के दौरान करंट लगने से हुई गाय की मौत एवं एक अन्य गाय और भैंस के गायब होने, बिना पुलिस के बाउंड्री वाल बनाने आदि को लेकर प्रशासन ने सख्त रूप अपना लिया है। फिलहाल कोई नया मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।