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स्मार्ट सिटी की ‘खूनी’ सड़कें, स्कूटी फिसलने से गिरी महिला की गई जान

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शाइस्ता कयाम का फाइल फोटो। - फोटो : CITY OFFICE
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स्मार्ट सिटी की फेहरिस्त में शामिल शहर की सड़कें अब खूनी हो चली हैं। दुखद घटनाक्रम के अनुसार, रविवार दोपहर महिला अपने पति संग स्कूटी से गमी में शामिल होने जा रही थी। तभी स्मार्ट सिटी के हैबिटेट सेंटर के सामने खुदी पड़ी एएमयू रोड की कंकरीट पर स्कूटी फिसल गई। दुर्घटना में महिला की मौत हो गई और पति गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। इस खबर पर परिवार में कोहराम मच गया है।
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मूल रूप से जयगंज खाईडोरा के कांग्रेस से जुड़े व फल व्यापारी छोटा कयाम वर्तमान में सिविल लाइंस क्षेत्र के सर सैयद नगर स्थित शौकत मंजिल अपार्टमेंट में परिवार सहित रहते हैं। रविवार दोपहर करीब 11 बजे वे अपनी 50 वर्षीय पत्नी साइस्ता बेगम को स्कूटी पर बैठाकर अपने परिचित की गमी में शामिल होने पुराने शहर जा रहे थे। हैबिटेट सेंटर के सामने उखड़ी सड़क पर पड़ी कंकरीट पर स्कूटी फिसल गई और दोनों लोग गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला डिवाइडर से टकरा गई, जबकि छोटा कयाम भी कंकरीट पर फिसलने से जख्मी हो गए। राहगीरों की मदद से तत्काल उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां महिला को मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि, महिला के कोई खुली चोट नहीं दिखाई दी, मगर डॉक्टरों ने माना कि डिवाइडर से सिर टकराने पर ब्रेन हैमरेज से महिला की मौत हुई है। छोटा कयाम के चेहरे पर गंभीर चोट आई है। हादसे की जानकारी पर मेडिकल चौकी पुलिस भी पहुंची, मगर परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस प्रवेश राणा के अनुसार, पंचनामा भरकर शव परिवार को सौंप दिया गया है। देर शाम अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी।
पांच बच्चों का हाल-बेहाल
छोटा कयाम के परिवार के करीबी जयगंज के सामाजिक कार्यकर्ता एसएम कयाम के अनुसार, छोटा कयाम के पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटे व दो बेटियां हैं। अभी किसी की शादी नहीं हुई। मां की मौत पर परिवार का हाल बेहाल है। घर पर संवेदना जताने के लिए लोगों की भीड़ जुटी हुई है।
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अमर उजाला ने 25 और 26 जून को उठाया था मुद्दा
अलीगढ़। हमारा शहर स्मार्ट सिटी की फेहरिस्त में शामिल है और स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकास व सौंदर्यीकरण के 42 कार्य जारी हैं, मगर इन विकास कार्यों की गति का स्मार्ट न होना अब परेशानी का सबब बनने लगा है। सड़कों में गड्ढे, उखड़ी सड़कें, और धूल के उड़ते गुबार अब हर शहरी के लिए परेशानी का सबब बनने लगे हैं। जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी पड़ी सड़कें जानलेवा होने लगी हैं। इसको लेकर अमर उजाला द्वारा 25 व 26 जून को मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इस ओर नगर निगम व स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया था, मगर इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया और सड़कें लगातार जानलेवा हो रही हैं। अगर यही हाल रहा तो बारिश के दिनों में क्या होगा।
पहले भी हो चुकी है इसी तरह मौत
ये पहला मौका नहीं है। उखड़ी सड़कों व खुले गड्ढों के कारण लोगों की जान जा चुकी है। महेंद्र नगर में खुदी सीवर लाइन में स्कूटी सवार की गिरने से मौत को भुलाया नहीं जा सकता। इसके अलावा, महावीरगंज में स्कूटी सहित महिला के गड्ढे में गिरने, रामघाट रोड के नाले में सिपाही दंपती के गिरने की घटना अभी ताजा है। बता दें कि महेंद्र नगर की घटना में तो नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था, मगर उस मुकदमे में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आखिर कब स्मार्ट होगा शहर, कब तक होंगी मौत
इस दुर्घटना को लेकर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता व बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के ओहदेदार एसएम कयाम ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आखिर हमारा शहर कब स्मार्ट हो पाएगा, कब तक मौतें होंगी। अभी पिछले दिनों रामघाट रोड पर पीएसी के पास इसी तरह बाइक सवार निजी कंपनी का कर्मचारी कंकरीट पर फिसल गया था और बाद में एक बस की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई थी। शहर में आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। महेंद्र नगर में घटना हुई। अधिकारियों को आखिर कब शर्म आएगी। उन्होंने कांग्रेस की महानगर कमेटी में सचिव रहे छोटा कयाम की पत्नी की मौत के लिए जिम्मेदार अफसरों से जवाब तलब करने का अनुरोध उच्चाधिकारियों से किया है।
अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोग
छोटा कयाम की पत्नी की मौत की खबर पर तमाम लोग उनके आवास पर पहुंचे। देर शाम शव को सुपुर्द ए खाक किया गया। इस दौरान तमाम लोग मौजूद रहे। प्रमुख लोगों में पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह, मेयर मो. फुरकान, पूर्व विधायक विवेक बंसल, मुजफ्फर सईद, एसएम कयाम, बाबर इलियास, सलीम मुख्तार, वरिष्ठ अधिवक्ता जकावत सुल्तान, जकीउद्दीन खेरूवाला, अकील अहमद, योगेंद्र सारस्वत, सोहराब कुरैशी, अयाज कुरैशी आदि लोग शामिल हुए।
ये है दलील
सड़क निर्माण के दौरान बरती जाने वाली एहतियात को लेकर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता मंसूर अह हसन सिद्दीकी का कहना है कि वैसे तो निर्माण कार्य करा रही संस्था द्वारा हर जगह साइनेज बोर्ड लगवाए जाते हैं। जहां सड़क निर्माण हो रहा हो, वहां वाहन गति भी धीमी रखनी चाहिए। अगर संभव हो तो उस मार्ग पर न चलें। अगर सड़क चौड़ी है तो उस पर एक साइड से डायवर्जन संभव है। अगर सड़क संकरी है तो उस पर डायवर्जन संभव नहीं है, जिस स्थान पर यह दुर्घटना हुई है। वहां साइनेज बोर्ड लगे हैं। फिर भी दुर्घटना दुखद है।
बेटी लड़ चुकी है एएमयू छात्रासंघ अध्यक्ष का चुनाव
अलीगढ़। दुर्घटना में मृत महिला साइस्ता व जख्मी छोटा कयाम की बड़ी बेटी सिमरा वर्ष 2019 में एएमयू के अब्दुल्ला वीमेंस कॉलेज छात्रासंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुकी है। वह दूसरे स्थान पर रही थी। उसकी मां की मौत की खबर पर तमाम छात्राएं भी घर पहुंचने लगी थीं।
पुलिस से मांगी रिपोर्ट, लापरवाही पर होगा मुकदमा
इस दुर्घटना को लेकर नगर आयुक्त गौरांग राठी का कहना है कि निर्माण एजेंसियों को पहले से ये निर्देश हैं कि सड़क पर निर्माण सामग्री न फैलाई जाए। इस मामले में थाना पुलिस से जानकारी मांगी गई है कि अगर निर्माण एजेंसी की लापरवाही उजागर होगी तो निर्माण एजेंसी पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
परिवार का यह कहना गलत है कि स्कूटी कंकरीट पर फिसली है। इस घटना में एक सीसीटीवी फुटजे हमारे सामने आया है, जिसे देखने से साफ हो रहा है कि सड़क पर एक स्कूटी सवार पहले से खड़ा था। पीछे से ट्रैक्टर ट्राली आ रही है। स्कूटी सवार दंपती ने ट्रैक्टर से पहले निकलने के फेर में सड़क किनारे खड़े स्कूटी सवार युवक को ओवरटेक करने की जल्दी की है। इसी में दंपती स्कूटी सहित फिसले हैं। घटनास्थल के पास लगा सीसीटीवी कैमरा इस बात की गवाही दे रहा है। फिर भी परिवार के जो आरोप हैं, उनको लेकर सत्यता का पता पुलिस रिपोर्ट से लगाया जाएगा। - गौरांग राठी, नगर आयुक्त
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