बाद में सावित्री देवी ने बैनामा के निरस्तीकरण का मुकदमा सिविल कोर्ट में दायर कर दिया, जो विचाराधीन है। वर्ष 2017 से जमीन कुर्क होने के चलते बंजर हो गई है। भगवान सिंह का कहना है कि उन्होंने तहसील दिवस, थाना दिवस व अन्य मौके पर प्रार्थनापत्र दिए, लेकिन उन पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। इनकी मांग की है कि उन्हें इस जमीन पर खेती करने दी जाए। वहीं इनके भाई मां की मृत्यु के पश्चात वसीयत बनाकर जमीन को अपने हक में करने का प्रयास करने के आरोप लगा रहे हैं।
एसडीएम शाश्वत त्रिपुरारी का कहना है कि इस संबंध में क्षेत्रीय लेखपाल व राजस्व निरीक्षक ने रिपोर्ट दी है कि कुर्क जमीन में गाटा संख्या तीन व चार को लेकर कोर्ट में विवाद है। विवाद तय होने पर समाधान कराया जाएगा।