भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रहीं एक महिला और अन्य नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप से पार्टी में खलबली मची हुई है। इस महिला नेता ने बृहस्पतिवार को पार्टी के कुछ पदाधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब इस महिला नेता ने शुक्रवार को वही आरोप लगाते हुए कई वीडियो वायरल कर मामला गर्मा दिया है। भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की इस पूर्व पदाधिकारी ने लगभग चार वर्ष पूर्व भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष इमरान सैफी ने उनको पदाधिकारी बनाया था। इस महिला नेता का आरोप है कि पद के लिए उससे 25 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद से ही उसका आर्थिक और यौन शोषण होने लगा। जब उसने विरोध करना शुरू किया तो धमकियां मिलीं। अब उसको जान का खतरा पैदा हो गया है। इस संबंध में उसने जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह को पत्र लिख कर सुरक्षा दिलाने की मांग की है।
गौर हो कि महिला नेता ने बृहस्पतिवार को थाना देहलीगेट में इमरान सैफी, आसिफ कुरैशी, भूरा भारती उर्फ अफसर, अब्दुल अनवर सैफी सहित एक अज्ञात पर मारपीट, छेड़खानी सहित अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे के विरोध में बृहस्पतिवार रात को ही कई भाजपा नेता देहलीगेट थाने में जुटे और इसे वापस करने का दबाव बनाया। इन नेताओं का कहना था कि इमरान और दूसरे लोगों को फंसाया जा रहा है। महिला नेता लॉटरी का अवैध काम करती है, जिससे उसका तगादेदारों से झगड़ा होता रहता है। मुकदमा उस पर होना चाहिए। पुलिस अधिकारियों के द्वारा जांच करने के बाद कार्रवाई करने के आश्वासन पर भाजपाई लौट आए थे। लेकिन शुक्रवार को महिला नेता ने वही आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल कर दी हैं। अब इससे मामला तूल पकड़ गया है।
लॉटरी की आड़ ली गई : महिला नेता
रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला नेता ने शुक्रवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह को पत्र लिख कर कहा कि उसके यहां जो लॉटरी का भुगतान रह गया है, उसको वह जल्द ही पूरा करा देगी। वह अभी तक सबका भुगतान करती रही है। आगे भी एक दो महीने में जल्द ही लोगों का बाकी भुगतान कर देगी। उसको थोड़ी मोहलत दिलाई जाए। इस पत्र पर जिलाधिकारी ने एसओ देहलीगेट को तत्काल उचित कार्रवाई करने को कहा है।