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चिह्नांकन में आया भाजपा कार्यालय, टूटना शुरू

Sun, 06 Jan 2019 02:05 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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भाजपा कार्यालय पर होती तोड़फोड़। - फोटो : Rupesh
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शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के क्रम में रसलगंज रोड, सराय हकीम और बारहद्वारी इलाके में प्रशासन की टीमों ने चिह्नांकन कर दिया है। इस चिह्नांकन की जद में भाजपा का महानगर कार्यालय भी है। भाजपा कार्यालय सहित अन्य दुकानदार यहां पर भी खुद ही अपना कब्जा तोड़ने में लगे हैं। 
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पांच दिन व्यापक तौर पर चले अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद पैदा हुए मलबे को हटाने के लिए दो दिन महाबली खामोश रखने का फैसला लिया गया। इससे पहले रसलगंज, सराय हकीम, बारहद्वारी, केला नगर, मेडिकल रोड आदि स्थानों पर चिह्नांकन किया गया।

अधिकांश लोग चिह्नांकन को स्वीकार करते हुए अपना अवैध कब्जा स्वयं ही हटा रहे हैं। बारहद्वारी पर भी भाजपा के कार्यालय पर तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया। इसी ओर ब्रीफकेस, फर्नीचर, सिलाई मशीन आदि की दुकानों के स्वामियों ने चिह्नांकन में आए अपने हिस्से को खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है। रसलगंज में भी अपना बढ़ा हुआ कब्जा तोड़ने का काम जारी रहा। 
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नगर निगम की दुकानों के दुकानदार विरोध में
एक ओर जहां स्वयं ही लोग अपना अवैध निर्माण ध्वस्त कर रहे हैं वही नगर निगम पुरानी चुंगी की जमीन पर बनी नगर निगम की दुकानों के दुकानदार चिह्नांकन के बाद ही विरोध में धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने की आड़ में उनकी दुकानों को ही हटाया जा रहा है। इससे उनके समक्ष अजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। धरना स्थल पर उन्होंने सरकार के विरोध नारे बाजी की ओर स्लोगन लिख कर तख्तियां टांग दी है। 


अवैध निर्माणों के मामले में फाइलें खंगालने में जुटे विप्रा अफसर 
पिछले कुछ वर्षों में महानगर में हुए अवैध निर्माणों के मामले में फंसे अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अफसर अपनी जान बचाते नजर आ रहे हैं। सभी अवैध निर्माणों की फाइलें खंगाली जा रही है। इस प्रक्रिया में चार पांच दिन का समय लगने के आसार हैं। 
विकास प्राधिकरण की बैठक लेते हुए डीएम एवं प्राधिकरण उपाध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह ने करीब 30 अवैध निर्माणों का मामला प्रकाश में आने पर कड़ी नाराजगी जताई थी। इन अवैध निर्माणों में दुकान, मकान, कांप्लेक्स समेत अन्य निर्माण शामिल थे। उन्होंने एडीए अफसरों को सभी मामलों की पड़ताल कराकर रिपोर्ट देने के आदेश दिये। साथ ही इन मामलों में शामिल एई, जेई एवं अन्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिये गए थे। मौके पर ही अवैध निर्माणों की सूची में शामिल तीन मामलों में नक्शा पास दिखाकर इन्हें सूची से अलग कर दिया गया। अधिशासी अभियंता डीएस भदौरिया ने स्वीकार किया कि चिन्हित 27 अवैध निर्माणों की फाइलें निकलवाई जा रही हैं। सोमवार से जांच शुरू होगी और करीब तीन चार दिन में रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंप दी जाएगी। 
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