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होली पर हंगामा: BJP सांसद बोले, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हिंदू छात्रों को रंग खेलने से कोई नहीं रोक सकता

Thu, 06 Mar 2025 10:18 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

आहुति संस्था के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा है कि मौलाना शहाबुद्दीन का कहना है कि एएमयू में मुसलमान बहुसंख्यक हैं इसलिए हिंदू छात्र होली न खेलें।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में ऑल इंडिया जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन के बयान पर हिंदू संगठनों में उबाल आ गया है। अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम ने कहा है कि मौलाना का बयान आपत्तिजनक है, एएमयू का संचालन केंद्र सरकार के धन से होता है इसलिए हिंदू छात्रों को अपने सभी त्योहार एएमयू में धूमधाम से मनाने का अधिकार है। कैंपस में हिंदू छात्रों को होली खेलने से कोई नहीं रोक सकता।

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'मुसलमानों के लिए अलग विश्वविद्यालय की स्थापना कर लें'
सांसद ने कहा कि यदि मौलाना को एएमयू में होली खेलने से ऐतराज है तो मुसलमानों के लिए अलग विश्वविद्यालय की स्थापना कर लें। एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बरेली के मौलाना का बयान घोर सांप्रदायिक है। इससे लगता है कि वह मानसिक रूप से बीमार हैं। ऐसे लोगों का यूपी में ठीक प्रकार इलाज किया जाता है। होली हिंदुस्तान में नहीं खेली जाएगी तो कहां खेली जाएगी।

भारत में हिंदू बहुसंख्यक, मौलाना न मनाएं अपने त्योहार : अशोक
आहुति संस्था के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा है कि मौलाना शहाबुद्दीन का कहना है कि एएमयू में मुसलमान बहुसंख्यक हैं इसलिए हिंदू छात्र होली न खेलें। मौलाना को पता होना चाहिए कि भारत में हिंदू बहुसंख्यक हैं इसलिए मौलाना को अपने त्योहार यहां नहीं मनाने चाहिए।

एएमयू में हिंदुओं को त्योहार मनाने से कोई नहीं रोक सकता : गौरव
बजरंग बल के संयोजक गौरव शर्मा का कहना है कि एएमयू में हिंदू छात्रों के साथ भेदभाव के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं। मौलाना को पता होना चाहिए कि एएमयू हिंदुस्तान में है और यहां हिंदुओं को त्योहार मनाने से कोई नहीं रोक सकता।
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विवादित बयान देने से बचें मौलाना : इफराहीम
मुस्लिम धर्मगुरु इफराहीम हुसैन का कहना है कि मौलाना शहाबुद्दीन को इस तरह का बयान देने से बचना चाहिए, क्योंकि एएमयू केंद्रीय विश्वविद्यालय है, यहां सभी धर्मों के छात्रों को समान अधिकार हैं। उधर, राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक आमिर रसीद का कहना है कि मौलाना शहाबुद्दीन का बयान आपत्तिजनक है। यह बयान उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है।

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