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गंगीरी ब्लॉक प्रमुख पर भाजपा हारी, निर्दलीय ने मारी बाजी

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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिले के 12वें ब्लॉक गंगीरी पर सत्ताधारी भाजपा की पूरी ताकत लगने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी राकेश यादव को हार का सामना करना पड़ा। शनिवार को हुए मतदान में यहां लगातार चार बार से काबिज सपा नेता महेश यादव के छोटे भाई की बहू निर्दलीय प्रत्याशी वीरबती यादव ने जीत दर्ज की है। दिन भर गहमागहमी के बीच छर्रा स्थित ब्लॉक मुख्यालय पर सपा व भाजपा नेताओं का जमावड़ा लगा रहा।
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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान संपन्न हुआ और दोपहर बाद वीरबती को विजयी घोषित किए जाने पर समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। इससे पहले मतदान के समय अंदर बाहर आने जाने को लेकर कई मर्तबा नेताओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। इस तरह जिले के 12 ब्लॉकों में से 10 पर भाजपा ने कब्जा किया है, जबकि दो पर व्यक्तिगत प्रभाव वाले निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं।
भाजपा विधायक-जिलाध्यक्ष की एसडीएम से नोकझोंक
गंगीरी ब्लॉक मुख्यालय पर मतदान सुबह 11 बजे शुरू होना था। मगर पुलिस प्रशासन ने 500 मीटर पहले ही बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक दिया और मतदाताओं की केंद्र के बाहर लाइन लगवा दी। इसके चलते समय से मतदान शुरू नहीं हुआ। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह व विधायक रवेंद्रपाल सिंह की एसडीएम संदीप केला से नोकझोंक हो गई। कुछ देर को तनाव का माहौल बन गया।
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बाद में किसी तरह मतदान शुरू कराया गया। इसके बाद तीन बजे तक सामान्य तरीके से मतदान होता रहा। दोनों पक्षों के मतदाता एक-एक कर वहां पहुंचे। 3 बजे मतदान समापन के बाद मतगणना कर परिणाम जारी किया गया। इस मौके पर भाजपा की ओर से अकराबाद ब्लाक प्रमुख ठा. राहुल सिंह, ठा. अनुज प्रताप सिंह, ठा. विकास सिंह, जिला प्रतिनिधि लालू महाजन, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष हरिश्चन्द्र गुप्ता, कौशल चौधरी, तनुज सेंगर आदि मौजूद थे।
सपा की ओर से जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, पूर्व विधायक ठा. राकेश सिंह, जिला पंचायत सदस्य बब्लू होल्कर, शान मियां, जस्सू शेरवानी, संदीप यादव, नोमेन्द्र कुमार गुप्ता उर्फ राजा भैया, जमाल गाजी, लक्ष्मी धनगर, महेश यादव, गुड्डा यादव, जिला महासचिव मुकेश माहेश्वरी, रत्नाकर पांडेय, युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रंजीत चौधरी आदि सपा नेता प्रत्याशी की जीत तक डटे रहे।
परिणाम जारी होते ही समर्थकों-सपाइयों ने मनाया जशभन
मतदान के बाद एसडीएम पंकज कुमार ने 9 मतों से वीरबती यादव को ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित घोषित किया। यह सुनते ही समर्थकों व सपाइयों में खुशी की लहर दौड़ गई और जशभन मनाते हुए प्रत्याशी व महेश यादव आदि को फूल मालाओं से लाद दिया। इस मौके पर तहसीलदार सुरेन्द्र कुमार, एसपीआरए शुभम पटेल, एसपी क्राइम, एसपी ट्रैफिक, क्षेत्राधिकारी बरला, सीओ द्वितीय, कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी तैनात थी।
जनसहयोग से पांचवीं बार निर्दलीय जीत दर्ज की : महेश यादव
लगातार पांचवीं बार ब्लॉक प्रमुखी कब्जाने वाले इलाके के प्रभावशाली सपा नेता महेश यादव ने इस जीत पर कहा कि उन्होंने अपने छोटे भाई दिनेश यादव की पत्नी को निर्दलीय चुनाव लड़ाया था। बेशक भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी। मगर उन्हें जनसहयोग इस ब्लॉक पर मिलता रहा है। इसी प्यार के दम पर पांचवीं बार जीत दर्ज की है। ब्लाक प्रमुख निर्दल जीती है और निर्दल ही रहेगी।
बंदूकों के साये में लाए गए भाजपा के वोटर, दो दबोचे
भाजपा ने इस चुनाव को लेकर तगड़ा मैनेजमेंट किया। मतदाताओं को एक बस में लाइसेंसी बंदूकों के साये में मतदान केंद्र तक पहुंचाया। यह देखते ही लोगों ने बंदूकधारियों के वीडियो बना लिए। इस पर पुलिस हरकत में आ गई और आनन-फानन उन्हें दबोच लिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई पर भाजपा नेताओं ने ऐतराज जताया। मगर चुनाव आचार संहिता के बीच लाइसेंस असलहे रखने की दलील देकर किसी की न सुनी और पकड़े गए दोनों लोगों के असलहों सहित थाने भेज दिया।
सपा जिला कमेटी कलक्ट्रेट में इंतजार करती रही
और वीरबती डीएम से प्रमाण पत्र लेकर चली गईं
गंगीरी से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीतने के बाद वीरबती सपाइयों के साथ शाम तकरीबन पांच बजे कलक्ट्रेट पहुंची थीं। सपा की जिला कमेटी उनके साथ मौजूद थी। सपाइयों को उम्मीद थी कि जब उनको विजय का प्रमाण पत्र मिलेगा तो जिलाधिकारी के साथ उनकी भी मौजूदगी दर्ज हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कलक्ट्रेट से ही अचानक वीरबती अपने कुछ परिजनों के साथ डीएम आवास के लिए चली गईं। जहां डीएम चंद्रभूषण सिंह ने उनको प्रमाण पत्र दिया। इसकी फोटो भी जिलाधिकारी कार्यालय से जारी हुई, लेकिन सपाइयों की मौजूदगी उसमें कहीं नहीं दिखी। इस पर शाम से देर रात तक सपाइयों में खासी बहस हुई। बहस का मुद्दा ये था कि अगर वीरबती को सपाइयों के साथ प्रमाण पत्र नहीं लेना था तो वह पहले से ही ये बात बता देती।
इधर, वीरबती के भांजे सपा जिला कोषाध्यक्ष गुड्डा यादव ने बताया कि उनकी मामी का चुनाव सपा के समर्थन से ही हुआ है। वह सपा नेता ही मानी जाएंगी। प्रमाण पत्र लेने अकेले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विजयी होने के बाद पुलिस दल उनको अपने साथ डीएम के पास ले गया, जहां उनको प्रमाण पत्र दिया गया। इसलिए बाकी लोग साथ नहीं जा सके।
बहरहाल, इस चुनाव में छर्रा से सपा के पूर्व विधायक ठा. राकेश सिंह, जिला पंचायत सदस्य बबलू होल्कर सहित कई पदाधिकारियों ने वीरबती को विजयी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। सपाइयों ने गंगीरी ब्लाक में डेरा जमाए रखा। जिलाध्यक्ष गिरीश यादव की अगुवाई में वोट डलवाए गए, लेकिन अचानक वीरबती का खेमा जब सीधे प्रमाण पत्र लेने पहुंचा तो कलक्ट्रेट में इंतजार कर रहे सपाइयों को अच्छा नहीं लगा। वहीं पूर्व विधायक छर्रा से ही दूसरे स्थान को रवाना हो गए थे। वह प्रमाण पत्र के समय शहर में नहीं थे।
इस तरह हुआ मतदान
-69 मत निर्दल वीरबती यादव को
-60 मत भाजपा के राकेश यादव को
-01 मत निर्दल राकेश कुमार को
-05 मत निरस्त किए गए
एक तयशुदा रणनीति के तहत वीरबती देवी को गंगीरी ब्लॉक से निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़वाया गया था, क्योंकि ऐसा नहीं होने पर सत्ता और प्रशासन का दबाव बहुत ज्यादा हो जाता। आज मतदान होने के बाद वह विजयी घोषित हुई हैं, अब वह सपा के साथ हैं। सपा की पूरी टीम ने वहां मौजूद रह कर उनके पक्ष में मतदान कराया, भाजपाइयों की मनमानी होने से रोका। भाजपा समर्थक कुछ लोग हथियारों के साथ वहां बीडीसी सदस्यों पर दबाव बनाने आए थे। जिनकी शिकायत होने के बाद पुलिस ने उनको थाने में बैठा दिया था। वीरबती देवी अब सपा के साथ हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से लेकर ब्लाक प्रमुख तक के चुनाव में भाजपा के लोगों ने धनबल, बाहुबल, सत्ता बल से सपा के लोगों को परेशान किया है। जनता ने सबकुछ देखा है। विधानसभा चुनाव में इसका जवाब मिलेगा।
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-गिरीश यादव, सपा जिलाध्यक्ष।
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