बहुचर्चित रोरावर कांड में एमपी/एमएलए मामलों की सुनवाई वाली एडीजे-3 की अदालत में मंगलवार को भाजपा नेता राजीव भारती ने आत्मसमर्पण किया, जहां से राजीव भारती को जेल भेज दिया गया। इधर, इस मामले में नियत तारीख पर पूर्व विधायक संजीव राजा सहित सभी आरोपी हाजिर हुए। अब एक आरोपी इमरान जोंटी गैर हाजिर है, जिसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हैं।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप तोमर के अनुसार, महानगर के देहली गेट थाने के रोरावर कांड के मुकदमे में दोनों समुदायों के पूर्व विधायक संजीव राजा सहित 22 आरोपियों के खिलाफ अदालत में ट्रायल चल रहा है। इसमें दो आरोपियों भाजपा एससी मोर्चा के ब्रज क्षेत्र उपाध्यक्ष राजीव भारती व इमरान उर्फ जांटी काफी समय से गैरहाजिर थे। अदालत ने दोनों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर रखे थे। मंगलवार को नियत तारीख पर राजीव भारती ने कोर्ट में समर्पण किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके अलावा पूर्व विधायक सहित अन्य सभी आरोपी हाजिर हुए। अब सिर्फ इमरान जोंटी गैर हाजिर है, जिसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हैं।
मासूम से गंदगी हरकत में 10 वर्ष कैद की सजा
सासनी गेट क्षेत्र के तीन वर्ष की मासूम से गंदगी हरकत के दोषी 23 वर्षीय युवक को अदालत ने दस वर्ष कैद की सजा से दंडित किया है। यह फैसला एडीजे विशेष पॉक्सो प्रथम ओमवीर की अदालत से सुनाया गया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी संजय शर्मा व लव बंसल के अनुसार घटना 1 अक्तूबर 2018 की है। सासनी गेट क्षेत्र के रहने वाले वादी ने मुकदमा दर्ज कराया कि उनकी 3 वर्ष की बेटी संग मोहल्ले के ही 23 वर्षीय युवक ने गंदी हरकत की। दुष्कर्म व पॉक्सो की धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी आदि कार्रवाई की। इस मामले में अदालत ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर आरोपी शुभम सक्सेना को दोषी करार दिया। साथ में 10 वर्ष कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। ब्यूरो
इंस्पेक्टर वृंदावन सहित दो कोतवालों की गिरफ्तारी के आदेश जारी
अदालत के गिरफ्तारी आदेश के बाद भी गवाही देने नहीं आ रहे मथुरा जनपद के वृंदावन कोतवाल के खिलाफ तीसरी बार फिर गिरफ्तारी आदेश जारी हुआ है। यह आदेश एडीजे-9 सुनील सिंह की अदालत से जारी किया गया है। एसएसपी मथुरा को लिखे पत्र में साफ कहा गया है कि अगर इस बार तारीख पर पेश न किया गया तो गवाही का मौका समाप्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा मथुरा में ही तैनात एक अन्य इंस्पेक्टर अजय कौशल के गिरफ्तारी आदेश भी जारी किए गए हैं।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार, वृंदावन में तैनात कोतवाल सूरज प्रकाश शर्मा वर्ष 2016 के थाना देहली गेट के धारा 413, 420 के मुकदमे में वादी हैं। वे उस समय यहां बतौर उपनिरीक्षक तैनात थे। बार-बार समन के बाद भी वे गवाही के लिए नहीं आ रहे। एसएसपी मथुरा को गिरफ्तारी आदेश जारी कर 13 जुलाई व 2 अगस्त को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के लिए कहा गया था, मगर वे पेश नहीं हुए। अब एसएसपी मथुरा को फिर पत्र लिखकर विशेष टीम गठित कर गिरफ्तार करा 7 सितंबर को पेश करने के लिए कहा है अन्यथा की स्थिति में गवाही समाप्त कर मुकदमा निस्तारित किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी आप की होगी। इसी तरह बन्नादेवी में तैनात रहे एसआई अजय कौशल वर्तमान में मथुरा में तैनात इंस्पेक्टर के गिरफ्तारी आदेश जारी कर एसएसपी को पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि हमले के मुकदमे में वह भी लगातार तलबी पर नहीं आ रहे। उन्हें भी गिरफ्तार कर भेजा जाए। इन दोनों पत्रों की प्रति डीजीपी व एसएसपी अलीगढ़ को भी भेजी है।