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राशन कार्ड बनवाने के विवाद में भाजपा नेता को जेल

Wed, 30 Jan 2019 01:50 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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भाजपा नेता राजेन्द्र वार्ष्णेय चीफ को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने पर कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ता। - फोटो : Amar Ujala
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राशन कार्ड बनवाने की सिफारिश के दौरान हुए विवाद में भाजपा के पूर्व प्रदेशमंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ और हर्षद नामक युवक को जेल भेज दिया गया। आरोप है कि इस दौरान प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी के साथ गालीगलौज की गई। रसलगंज जिला पूर्ति कार्यालय से शुरू हुई ये घटना, बन्ना देवी थाने और कलेक्ट्रेट से जेल तक गहमागहमी का कारण बनी। चीफ और हर्षद को कलेक्ट्रेट से जेल ले जाते वक्त उनको पुलिस की गाड़ी से खींच कर उतारने का प्रयास किया गया। 
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जेल के गेट तक भाजपाइयों और पुलिस से खासी नोकझोंक हुई और उनको खींच ले जाने की कोशिश की गई। मगर भाजपाई सफल नहीं हुए और उनको सात दिन के लिए जेल भेजा गया है। इधर, भाजपा नेता पक्ष से हर्षद ने 300 रुपये लेकर कार्ड बनवाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। वहीं प्रभारी जिलापूर्ति अधिकारी ने गालीगलौज करने, सरकारी कार्य में बाधा और शांति भंग के आरोप में तहरीर दी है। घटना के अनुसार रसलगंज स्थित जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में मंगलवार दोपहर हर्षद पुत्र पवन कुमार निवासी सराय हकीम बन्नादेवी अपनी मां के नाम पर राशन कार्ड बनवाने पहुंचे। कार्यालय में मौजूद प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी स्मृति गौतम ने कहा कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बिना ये संभव नहीं है। स्मृति गौतम के मुताबिक हर्षद वार्ष्णेय, उनके बड़े भाई और एक मीडिया कर्मी उनके पास आए।


उन्होंने राशन कार्ड का आवेदन देकर कहा कि इसको अभी बनना है। इस पर खुद स्मृति ने जवाब दिया कि नियमानुसार आवेदन करेंगे और जांच रिपोर्ट लगने के बाद ही कार्ड बनेगा। इतना सुनते ही गहमागहमी शुरू हो गई। वह तीनों वापस चले गए और कुछ देर बाद भाजपा नेता राजेंद्र चीफ को साथ लेकर आ गए। चीफ ने आकर अभद्र गालीगलौज की। चतुर्थ श्रेणी कर्मी से मारपीट की। सीधे उनको निलंबित कराने की धमकी दी। गालीगलौज करने के दौरान उनके ड्राइवर ने वीडियो बनाया तो उसको भी गाली देने लगे। वीडियो में पूरी रिकार्डिंग मौजूद हैै। अधिकारियोें को भी वीडियो भेजी है। वह खुद अपनी तहरीर पुलिस को भेज रही हैं।
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इस मामले में राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में कुछ अफसर और बाबू दलालों के माध्यम से खुलेआम रिश्वत लेकर काम कर रहे हैं। विरोध करने पर दलाल हमलावर हो जाते हैं ,क्योंकि पर्दे के पीछे से उनको सरकारी अफसरों का संरक्षण प्राप्त है। जिलापूर्ति कार्यालय में भी यही हो रहा था विरोध करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है, लेकिन वो खामोश नहीं रहेेंगे और आगे भी इस भ्रष्टाचार का विरोध करते रहेंगे।
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