भाजयुमो की गैंगवार अब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच शीतयुद्ध सरीखे हालात पैदा कर रही है। वरिष्ठ नेता भी अब भाजयुमो टीम के अवैध कारोबार व गैंगवार को लेकर खुल कर आरोप लगा रहे हैं।
इसी क्रम में भाजपा में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे सामाजिक संगठन आहुति के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने भाजयुमो में सब कुछ वरिष्ठ जनों व जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में होने का आरोप लगा दिया है। उन्होंने अपने फेडबुक पेज से यह पोस्ट कर संगठन में खलबली मचा दी है। अब इस वार के बाद संगठन क्या कदम उठाएगा। यह आने वाला समय बताएगा।
अशोक चौधरी ने अपनी पोस्ट में सीधे कहा है कि अलीगढ़ की भाजपा दिशाहीन हो गई है। इसके बाद उन्होंने लिखा है कि सराय हकीम में भजयुमो के टकराव व फायरिंग से वे बेहद आहत हैं। क्योंकि अलीगढ़ को ऐसे साहसी युवाओं की जरूरत रहती है। मगर कुछ माननीयों की सियासत के कारण उन्हें हम खोते जा रहे हैं।
पहले भाजयुमो व बजरंग दल में टकराव हुआ। हमने ये नहीं रोका तो बच्चों को खो देंगे। उन्होंने अपने 1980 व 90 के दौर के टकराव बताए हैं। पर कभी गोली नहीं चली। वे कहते हैं कि युवाओं की तीन लेयर में से एक पढाई, एक व्यापार व एक राजनीति में आती है। मगर हमारे जिले में युवाओं के प्रति कोई माननीय,नेता या पदाधिकारी संवेदनशील नही है।सिर्फ स्वार्थ सिद्ध किये जा रहे हैं। इन नेताओं ने आईपीएल, सट्टा, गांजा, शराब आदि अवैध कारोबारों में इन युवाओं को टूल बनाकर अपने कारोबार विस्तार पर काम किया है। पुलिस सब जानती है। पर नजरअंदाज करती है। उसी का परिणाम ये घटना है। इस पर संघ को ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा है कि इसको नियंत्रण करने के लिए एक समर्पित, उच्च चरित्र वाली, स्पष्ट दृष्टिकोण वाली टीम चाहिए। उन्होंने अलीगढ़ से निकले नेताओ का जिक्र करते हुए इस मामले में पुलिस को भी सब कुछ सार्वजनिक करने पर लपेटा है। अंत मे कहा है कि
अब भाजपा के शीर्ष नेता जनता में माफिया की छवि के साथ जी रहे हैं, सेवक की छवि के साथ नहीं। यह भाजपा के भविष्य के लिए विनाशकारी है।
ऐसे में अपने साहसी युवाओं को संरक्षित करना है उनका टकराव हर हाल में रोकना, यह अलीगढ़ की आवश्यकता है और उसके लिए एक गंभीर नेतृत्व आगे बढ़े, यह समय की मांग है। अशोक चौधरी की इस पोस्ट पर तमाम प्रतिक्रिया आ रही हैं। उन्हें देख कर अन्य लोग भी इसी तरह पक्ष व विपक्ष में पोस्ट कर रहे हैं।