अलीगढ़। बिटिया के गांव में अब पुलिस की दहशत मच गई है। पुुरूषों ने शुक्रवार की रात को गांव छोड़ दिया। वह घरों में नहीं सोए। ग्रामीणों को डर है कि थाना पुलिस किसी को भी उठाकर जेल भेज सकती है।
थाना हरदुआगंज क्षेत्र के एक गांव में 23 दिसंबर को गैंगरेप के बाद बिटिया की हत्या कर दी गई थी। पुलिस को सूचना दी गई थी लेकिन वह मौके पर समय से नहीं पहुंची। देरी से आने से पनपे आक्रोश के चलते ग्रामीणों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। इसमें पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। मामला जब तक खुला नहीं पुलिस शांत बैठी रही। मामले का राजफाश होने के बाद पुलिस ने बिटिया के गांव के करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों को इसकी भनक पहले से थी। गुुरुवार को गांव वाले रालोद विधायक ठा. दलवीर सिंह के साथ डीएम से मिले थे। ग्रामीणों के अनुरोध पर डीएम डा. बलकार सिंह ने आश्वासन भी दिया था कि किसी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। शनिवार को ग्रामीणों में पुलिस की कार्रवाई की खबर जैसे-जैसे फैली उनमें दहशत फैल गई। रात को किसी भी घर में कोई पुुरूष नहीं रुका। वह अज्ञात स्थानों पर ही सोए।
महिलाओं को यह डर भी सताता रहा कि पुलिस कार्रवाई के डर से घर के आदमी गांव से इधर-उधर हो गए हैं, ऐसे में चोर आदि से घर कैसे सुरक्षित रहेगा। जो लोग घटना के समय गांव में नहीं थे वह भी पुलिस से बचने को गायब रहे। ग्रामीणों को डर है कि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा है। वह तो किसी को भी ज्ञात बना सकती है अथवा पहचान कराने को उठा ले जा सकती है।