अस्पतालों में बच्चों के जन्म के साथ ही खुशी का माहौल बन गया और चारों ओर बधाईयां गूंजने लगीं। कई माता-पिता ने अपने नवजात बेटों को भगवान कृष्ण के नाम पर कान्हा या कन्हैया नाम दिया। वहीं, जन्म लेने वाली अधिकांश बेटियों को राधा नाम दिया गया।
जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर इस वर्ष अलीगढ़ में 163 बच्चों ने जन्म लिया। 15-16 अगस्त की रात 12 बजे से लेकर देर रात तक अलीगढ़ के सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 87 बच्चों ने जन्म लिया। अगर इसमें निजी नर्सिंग होम को भी शामिल कर लिया जाए, तो यह संख्या बढ़कर 163 हो जाती है।
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इस दौरान मोहन लाल गौतम जिला महिला अस्पताल में 27 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें 11 लड़के और 17 लड़कियां शामिल थीं। इस खुशी के मौके पर दो जुड़वां बच्चे भी पैदा हुए। वहीं, डीडी अस्पताल में 16 बच्चों ने जन्म लिया, इसमें 7 लड़के और 9 लड़कियां थीं।
इन अस्पतालों में बच्चों के जन्म के साथ ही खुशी का माहौल बन गया और चारों ओर बधाईयां गूंजने लगीं। कई माता-पिता ने अपने नवजात बेटों को भगवान कृष्ण के नाम पर कान्हा या कन्हैया नाम दिया। वहीं, जन्म लेने वाली अधिकांश बेटियों को राधा नाम दिया गया।
जन्माष्टमी के दिन बेटा पैदा हुआ है। परिवार में खुशी है। लोग कान्हा ही कह रहे हैं। -सावित्री, जमालपुर
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शनिवार को बेटी पैदा हुई है। पूरा परिवार बेहद खुश है। - सुमन, खैर बाईपास
जन्माष्टमी के दिन जितने भी प्रसव हुए, वह सभी स्वस्थ हैं। जच्चा-बच्चा सभी ठीक हैं। उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।-डॉ. तैय्यब खान, सीएमएस मोहन लाल गौतम जिला महिला अस्पताल।