पठानकोट की जांच से जुड़े एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद की बिजनौर में शार्प शूटरों द्वारा हत्या के बाद एएमयू के निलंबित छात्र व पांच हजार के इनामी मुनीर की याद भी बिजनौर पुलिस को आ गई। चूंकि मुनीर बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है। इसलिए बिजनौर पुलिस अपने जिले के सभी शूटरों के साथ-साथ मुनीर के क्राइम रिकार्ड पर भी काम कर रही है। मुनीर का आपराधिक कैरियर अलीगढ़ से शुरू हुआ है, इसलिए अलीगढ़ से भी इनपुट लिया गया है। बता दें कि मुनीर एएमयू छात्र आलमगीर हत्याकांड व अमीरनिशा में कारोबारी फहद हत्याकांड में वांछित शार्प शूटर है।
करीब दो साल पहले सिविल लाइंस अमीर निशा में पत्नी संग बाजार से बाइक पर लौट रहे कारोबारी फहद की हत्या के बाद से फरार चल रहे एएमयू के पूर्व छात्र मुनीर पर फरारी में ही 9 सितंबर 2015 को एएमयू में डीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर की हत्या का आरोप लगा। इस हत्या के बाद मुनीर पर पांच हजार का इनाम हुआ और पुलिस ने कुर्की तक कर दी।
हालांकि अलीगढ़ पुलिस की तलाश के दौरान बिजनौर पुलिस को मुनीर की कभी याद नहीं आई और गिरफ्तारी के लिए मदद भी नहीं मिली। मगर अब बिजनौर के स्यौहारा थाना क्षेत्र में डीएसपी तंजील अहमद की हत्या के बाद बिजनौर पुलिस को अपने जिले के सभी शूटर याद आ गए। इनमें मुनीर भी शामिल है। मुनीर चूंकि स्यौहारा थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है। खास बात यह भी है कि मुनीर ने आलमगीर की हत्या में प्रतिबंधित 9 एमएम बोर प्रयोग किया था और तंजील की हत्या में भी मौके से 9 एमएम के खोखा मिले हैं। साथ ही मुनीर को लेकर इन दिनों एनसीआर के बड़े अपराधियों के साथ काम करने का इनपुट है। इसलिए मुनीर को लेकर बिजनौर पुलिस ने अलीगढ़ पुलिस से इनपुट जुटाया है।